
राजकुमार सोनी@रायपुर . छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों और आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा करने की बात बेहद आम है। इधर एक नया मामला प्रकाश में आया है। राजधानी के एक भू-माफिया ने भारत-चीन की च्डोकलाम' सीमा पर तैनात सेना के एक जवान की मां की जमीन हड़पकर बेच दी है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब जवान छुट्टियां बिताने के लिए अपने पुश्तैनी घर गुढिय़ारी (रायपुर) आया। फिलहाल अपनी जमीन को हासिल करने के लिए जवान को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री से गुहार
भारत-चीन की डोकलाम सीमा पर तैनात सिपाही दानेश कुमार (क्रमांक 179592) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मार्मिक खत लिखकर जमीन पर कब्जा दिलाने की गुहार लगाई है। जवान ने बताया, 'मेरी मां रेणुका देवांगन ने जैसे-तैसे अपनी गृहस्थी से कुछ पैसे जोड़कर सरस्वती नगर थाने के पीछे स्थित कोटा में पटवारी हल्का नंबर 107/ 51 और खसरा नंबरा 130/112 के प्लाट नंबर 21 में 2000 वर्ग फीट जमीन परऊ, मोहन और कुंवर बाई से खरीदी थी।
लगभग पन्द्रह साल पहले वह सेना में चला गया। इस दौरान उसकी तैनाती मणिपुर-इंफाल, बाड़मेर, उत्तराखंड के माना और राजस्थान के खेमकरण बार्डर पर होती रही। कठिन इलाकों पर तैनाती के दौरान बस एक ही ख्याल जेहन में रहता था कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक की मां की जमीन पर भला कौन बुरी नजर डालेगा? लेकिन एक दिन जब वह घर लौटा, तो पता चला कि संजीवनी हाउसिंग कंपनी लिमिटेड के कर्ताधर्ता सीएल महावार ने अवैध ढंग से उसके मां की जमीन श्याम नगर निवासी राजकुमार दुबे को बेच दी है।
' जवान ने आगे लिखा है, 'मैं बार्डर पर माइनस 20 डिग्री तापमान, 14 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद कम ऑक्सीजन वाली बर्फीली पहाडिय़ों और पड़ोसी देश के नापाक इरादों के तनाव से भरे वातावरण से जूझते हुए हर मुश्किल का सामना कर सकता हूं, लेकिन अपनी मां की पीड़ा का सामना नहीं कर पा रहा हूं। एक सैनिक की विनती है- मेरी मां की जमीन वापस दिलवा दीजिए।'
दुरस्त है हमारा रिकॉर्ड
यह सही है कि हम पहले संजीवनी हाउसिंग कंपनी संचालित करते थे, लेकिन अब नहीं करते। हमने जिस राजकुमार दुबे को जमीन बेची थी, उसका पटवारी हल्का और खसरा नंबर अलग है। सैनिक की जमीन को लेकर दो-तीन बार सीमांकन की कार्रवाई की गई है। पटवारी और तहसील कार्यालय के अफसरों ने कुछ गड़बड़ की होगी, तो हम नहीं जानते। हमारा रिकॉर्ड एकदम दुरस्त है।
सीएल महावर, संचालक, संजीवनी हाउसिंग कंपनी
होगी कड़ी कार्रवाई
&सैनिक ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के साथ-साथ हमें भी शिकायत भेजी है। शिकायत पर जांच चल रही है। अगर गलत ढंग से जमीन बेचने की कार्रवाई संपादित की गई है, तो दोषी अफसरों और जमीन विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा।
अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, रायपुर ?
Published on:
05 May 2018 03:11 pm
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