Navratri 2021: नवरात्रि के बीच में यदि कोई महिला मासिक धर्म या पीरियड से गुजरती है। ऐसे में ज्यादातर महिलाएं इस असमंजस में रहती हैं कि अपने व्रत को कैसे पूर्ण करेंगी। इसको लेकर शास्‍त्रों में कुछ खास नियम बताए गए हैं।
रायपुर. Navratri 2021: शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो चुके हैं। नवरात्र में जो लोग व्रत करते हैं उन्हें साफ-सफाई से जुड़े बहुत से नियमों का पालन करना होता है, लेकिन ऐसे में उन महिलाओं के लिए बड़ी दुविधा जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती जब वह नवरात्रि के बीच में यदि कोई महिला मासिक धर्म (Menstruation Cycle) या पीरियड (Period) से गुजरती है। ऐसे में ज्यादातर महिलाएं इस असमंजस में रहती हैं कि अपने व्रत को कैसे पूर्ण करेंगी। इसको लेकर शास्त्रों में कुछ खास नियम बताए गए हैं। आइए जानते है इन नियमों के बारे में…
आमतौर पर नवरात्रि का पाठ या कलश स्थापना करते हैं तो हम 2, 5 या 7 साल के लिए इस व्रत को धारण कर रहे हैं। ऐसे में व्रत लगातार किया जाता है। ऐसा नहीं है एक साल व्रत किया और दूसरी साल पीरियड्स की वजह से व्रत छोड़ दिया । इस बीच कुछ खास बातों का ध्यान रखकर हम व्रत को पूरा सकते हैं।
- पहले से चौथे दिन यदि कोई महिला पीरियड से गुजरती है तो पति या पंडित से कलश स्थापना करा सकते हैं। इस दौरान महिला व्रत के सभी नियमों का पालन सकती हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि कोई भी महिला अशुद्ध अवस्था में है तो वह मानसिक पूजा करें। व्रत का संपूर्ण फल आपको मिलता है। मानसिक रूप से किसी भी व्रत को करने से कोई मनाही नहीं है।
- यदि किसी महिला को नवरात्रि के बीच में मासिक धर्म आता है तो चार दिनों तक पूजा नहीं करना चाहिए। पांचवें से महिला पूजा में सम्मिलित हो सकती है। इस दौरान पीरियड से गुजरने वाली महिलाओं को माता का भोग नहीं तैयार करना चाहिए। इस दौरान महिलाओं का पूजा स्थल पर जाना वर्जित होता है।पूजा की किसी भी सामग्री को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- अगर पाचंवे दिन कोई महिला पीरियड्स में रहती है तो ऐसे स्थिति में कन्या पूजन और हवन नहीं कर सकते हैं। इस दौरान परिवार के किसी सदस्य के द्वारा कन्या पूजन और हवन करवाना चाहिए।