राज्य के में स्मार्ट फोन का वितरण शुरू हो चुका है, साथ ही इस फोन की ऑनलाइन बिक्री भी शुरू हो चुकी है
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा ग्रामीणों और स्टूडेंट्स को मुफ्त में स्मार्ट फोन बांटे जा रहे हैं। राज्य के कई जिलों में स्मार्ट फोन का वितरण शुरू हो चुका है, इसके साथ ही इस फोन की ऑनलाइन बिक्री भी शुरू हो चुकी है। आज हर किसी स्टूडेंट के पास अपना स्मार्ट फोन है जो सरकार द्वारा बांटे जा रहे फोन से ज्यादा फीचर्स के साथ है, इसलिए स्टूडेंट्स इस फोन के मिलने के साथ ही इसे बेच रहे हैं।
जैसे ही इस बात का पता सरकार को चला इसे रोकने के लिए वितरण कंपनी जिओ ने इसका उपाय ढूंढ निकाला है। जिसके तहत अगर जिस व्यक्ति को स्मार्ट फोन मिला है उसके अलावा कोई और इस फोन का इस्तेमाल करेगा और जैसे ही अपना प्रोफाइल अपडेट करेगा कंपनी को इस बात का पता चल जाएगा। इसके बाद तुरंत कंपनी द्वारा इस फोन का सिम ब्लॉक कर दिया जाएगा और व्यक्ति यह फोन इस्तेमाल नही कर पाएगा।
तीन हजार में बेच रहे फोन
संचार क्रांति योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल, कॉलेज के स्टूडेंट्स और ग्रामीणों को स्मार्ट इंडिया से जोडऩे स्मार्ट फोन बांट रही है। स्मार्ट फोन बंटने के बाद इसके ऑनलाइन बिकने की खबर पर पता चला कि स्टूडेंट्स इसे ढ़ाई हजार से तीन हजार रूपए में बेच रहे हैं। सरकार के आंकड़ों के अनुसार स्टूडेंट्स को बांटा जा रहा स्मार्ट फोन 5000 का है जिसे आधे रेट पर स्टूडेंट्स द्वारा बेचा जा रहा है।
चिप्स एेसे रोकेगा मोबाइल की बिक्री
जैसे ही चिप्स कंपनी और जिओ को मोबाइल बिक्री का पता चला उन्होने यह तरीका निकाला है। फोन कंपनी ने बताया कि जिस हितग्राही को फोन मिला है उसके अलावा अगर कोई सेकेंड यूजर मोबाइल का इस्तेमाल करेगा तो उसकी प्रोफाइल अपडेट होने या फीचर्स चेंज करने या फोन बुक अपडेट करते ही फोन कंपनी को इस बात का पता चल जाएगा कि यह फोन कोई सेकेंड यूजर इस्तेमाल कर रहा है। जिसके बाद कंपनी द्वारा वह सिम ब्लाक कर दिया जाएगा। उसके बाद सामने वाले के लिए यह फोन केवल खिलौना बनकर रह जाएगा।
स्टूडेंट्स ही बेच रहे
यह स्मार्ट फोन सरकार द्वारा छात्र-छात्राआें के अलावा ग्रामीणों को भी बांटे जा रहे हैं। पर इसे बेचने की शिकायत केवल स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा ही आ रही है। ग्रामीणों द्वारा स्मार्ट फोन बेचे जाने की खबर अब तक नही मिली है।