रायपुर

किडनी की रहस्यमय बीमारी से यहां लगातार हो रही मौतें, बड़े से बड़ा डॉक्टर भी हुए हैरान

सूपेबेड़ा और उससे लगे पांच गांवों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है..
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Mar 16, 2018
CG News

रायपुर . पिछले एक दशक से किडनी की रहस्यमय बीमारी से जूझ रहे गरियाबंद जिले के सूपेबेड़ा और उससे लगे पांच गांवों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। सरकार यह नहीं बता पा रही है, देवभोग की हीरा खदानों के आसपास फैली इस बीमारी की वजह क्या है।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) की टीम यहां के मरीजों से नमूने लेकर गई है, लेकिन वह भी कोई रिपोर्ट नहीं दे पाई। सूबे का स्वास्थ्य विभाग एक स्पष्ट रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि साफ हो सके कि गांव वालों को इस रहस्यमय बीमारी से कैसे बचाया जा सके। इस बीच बीमारी का कहर जारी है। पिछले महीने ही सुपेबेड़ा गांव में एक बीमार व्यक्ति की मौत हुई है। इधर सरकार का लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता टीजी कोसरिया कह रहे हैं, वहां के पानी में फ्लोराइड और कॉर्बन की मात्रा अधिक मिली है।

बोरिंग बंद कर 10 मीटर दूर दूसरा बोर

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पानी की खराबी बताते हुए गांव के ६ बोर बंद कर दिए हैं। ग्रामीणों को पीने का पानी देने के लिए विभाग ने बंद की गई बोरिंग से १० मीटर दूर ही दूसरा बोर किया है। इस पानी को सुरक्षित बताया जा रहा है। ग्रामीणों को इस दावे पर भरोसा नहीं हो रहा है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक डॉ. संकेत ठाकुर का आरोप है कि सरकार एेसा करके गांव वालों को वहां से निकाल देना चाहती है, ताकि खनन गतिविधियों में आबादी आड़े न आए।
गांवों में किडनी मरीजों की संख्या

सुपेबेड़ा - 235 मरीज
सेनमुड़ा - 45 मरीज

मोडऱापारा - 27 मरीज
सागोनबाड़ी - 26 मरीज

परेवापाली - 31 मरीज
गोहेकला - 12 मरीज

(स्रोत: निजी सर्वे में जुटाई गई जानकारी)

बीमारी के बारे में कुछ निश्चयात्मक तौर पर नहीं कहा जा सकता। आइसीएमआर की टीम भी कुछ ठोस नहीं ढूंढ पाई है।

सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

Updated on:
16 Mar 2018 09:50 pm
Published on:
16 Mar 2018 09:48 pm