
पद्मश्री फूलबासन यादव (Photo Patrika)
CG Crime: राजनंदगांव जिले में मंगलवार सुबह पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण की बड़ी साजिश को पुलिस की सतर्कता से नाकाम कर दिया। खैरागढ़ मार्ग स्थित चिखली पुलिस चौकी पर रुटीन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है। घटना सुबह करीब 10 बजे की है। बेमेतरा के भिंभौरी निवासी खुशबू साहू अपने दो साथियों और एक चालक के साथ फूलबासन यादव के सुकुलदैहान स्थित घर पहुंची थी।
फूलबासन यादव ने पत्रिका को बताया कि खुशबू साहू पहले भी उनसे महिला समूह के माध्यम से मिली थी और मार्गदर्शन लेती रही थी। मंगलवार को खुशबू एक विकलांग महिला से चर्चा का बहाना बनाकर उन्हें कार तक ले गई और बातचीत के बहाने कार में बैठा लिया। जैसे ही फूलबासन यादव कार में बैठीं, आरोपियों ने दरवाजा बंद कर चालक को गाड़ी तेजी से भगाने के लिए कहा। लेकिन चिखली चौकी पर पुलिस की सतर्कता से यह साजिश विफल हो गई। पुलिस ने कार को रोककर फूलबासन यादव को सुरक्षित छुड़ा लिया। इस घटना के बाद राजनांदगांव के महापौर मधुसूदन यादव ने फूलबासन यादव से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
फूलबासन ने बताया कि आरोपियों ने उनकी कार को तेज गति से खैरागढ़ रोड की ओर ले जाना शुरू किया और उनसे आजीविका मिशन के फंड से जुड़ी जानकारी देने का दबाव बनाने लगे। इतना ही नहीं, उन्होंने उनकी जगह लेने जैसी बातें भी कहीं। विरोध करने पर आरोपियों ने उनके मुंह और हाथ को गमछे से बांधने की कोशिश की।
कुछ दूरी तय करने के बाद जब कार चिखली पुलिस चौकी के पास पहुंची, तो वहां चल रही नियमित वाहन जांच ने फूलबासन की जान बचाई। संदेह के आधार पर पुलिस ने कार को रोका। अंदर महिला की संदिग्ध स्थिति देखकर पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को भांप लिया।
आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए फूलबासन को मिर्गी का मरीज बताया, लेकिन ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद तत्काल उन्हें कार से बाहर निकालकर सुरक्षित किया गया और आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। घटना का क्षेत्राधिकार सुकुल दैहान होने के कारण आरोपियों को वहां की पुलिस को सौंप दिया गया है।
शुरूआती जांच में यह बात सामने आई
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी खुशबू स्वयं स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं और पिछले चार-पांच महीनों से फूलबासन के संपर्क में थी। वह महिलाओं को रोजगार प्रशिक्षण के नाम पर समूहों से जोड़ती थी और इसी दौरान कथित अवैध वसूली की जानकारी भी सामने आई है।
पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस की तत्परता से आरोपी पकड़ में आ गए हैं। आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है ताकि इस साजिश के पीछे का असली मकसद सामने आ सके।
अंकिता शर्मा, एसपी राजनांदगांव
प्रदेश में महिला सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पद्मश्री फुलबासन बाई पर हुए अपहरण के प्रयास का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वे सुरक्षित नहीं हैं तो आम महिला की स्थिति की कल्पना की जा सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के दो साल के भीतर प्रदेश में 7146 बलात्कार की घटनाएं हुई हैं, जिसका अर्थ है कि प्रतिदिन 8 से 9 दुराचार हो रहे हैं। शुक्ला ने कहा कि सरकारी आश्रम स्कूलों में नाबालिग बच्चियां गर्भवती हो रही हैं और थाने जाने पर पीड़ितों को ही प्रताड़ित किया जाता है।
Updated on:
6 May 2026, 10:17 AM IST
Published on:
6 May 2026, 10:17 AM IST
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