रायपुर

अच्छी दिखने वाली फोटो पर क्लिक करने पर भी हो सकता है ई-मेल, मोबाइल, सोशल मीडिया ‘हैक’, जानिए कैसे बचें

इस तरह ऑनलाइन बैकिंग, इ-मेल, सोशल मीडिया की हैकिंग बढ़ते जा रही है।
2 min read
Nov 29, 2018
Chhattisgarh crime
अच्छी दिखने वाली फोटो पर क्लिक करने पर भी हो सकता है ई-मेल, मोबाइल, सोशल मीडिया 'हैक', जानिए कैसे बचें

रायपुर. सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रांजेक्शन के इस दौर पर हैकिंग का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में राजधानी में व्यवसायिक सहकारी बैंक में एक करोड़ से अधिक राशि की हैकिंग का बड़ा मामने सामने आया है। इस तरह ऑनलाइन बैकिंग, इ-मेल, सोशल मीडिया की हैकिंग बढ़ते जा रही है।

इंफॉरमेशन सिक्युरिटी के मद्देनजर सूचना तकनीक मंत्रालय के दिशा-निर्देश के बाद हैकिंग से बचने के लिए राजधानी में केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) के सहयोग से प्रदेशभर के केंद्रीय विद्यालयों के चुनिंदा 36 शिक्षकों को हैकिंग से बचने की जानकारी दी गई। इसके बाद शिक्षक विद्यालयों में छात्रों को यह जानकारी उपलब्ध कराएंगे। 26 से 28 नवम्बर तक चले इस कार्यक्रम में एनआइटी के विशेषज्ञों ने बताया कि यदि आप किसी अच्छी दिखने वाली संदिग्ध फोटो पर भी क्लिक करें तो आपका डाटा हैक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए आपको यह तय करना होगा कि किसी भी अनचाहे डाटा पर क्लिक करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें लें। चाहे वह मोबाइल एप्लीकेशन हो या इ-मेल। प्ले स्टोर से डाउनलोड होने वाले एप्लीकेशन से भी हैकिंग का खतरा बढ़ते जा रहा है। कार्यक्रम में एनआईटी के प्रो. बी. आचार्य सहित विजय कुमार शर्मा, अभिमन्यु कुमार पात्रो ने जानकारी दी।

इ-मेल में ट्रोजन सॉफ्टवेयर का खतरा
सेमिनार में बताया गया कि इन दिनों ई-मेल में ट्रोजन सॉफ्टवेयर के जरिए हैकिंग का खतरा बढ़ते जा रहा है। लुभावने वादे जैसे बैंकिंग आदि का झांसा देकर इ-मेल की हैकिंग के लिए इन दिनों ट्रोजन सॉफ्टवेयर किसी दूसरे की आइडी से भेजा रहा है। जैसे आपने इसे डाउनलोड किया, वैसे ही यह सॉफ्टवेयर आपके कम्प्युटर या लैपटॉप के हार्डडिस्क में स्टोर होकर आपका पूरा डाटा हैक कर सकता है।

वाइ-फाइ से डाटा हो रहा लीक
यदि आपने कहीं भी असुरक्षित वाइ-फाइ का इस्तेमाल किया तो डाटा लीक हो सकता है। इसलिए वाई-फाई सेवा प्रदान करने कंपनी या एजेंसी की यह जिम्मेदारी तय होती है कि वह उपयोगकर्ताओं के डाटा की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें, साथ ही उपयोगकर्ताओं को भी जागरूक होना चाहिए। वाइ-फाइ प्रोटेक्टेट एक्सेस या इनक्रिप्सन की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता की होनी चाहिए।

अनचाहे कॉल या मैसेज को नजरअंदाज करें
इन दिनों लॉटरी, पासवर्ड, पिन नंबर आदि की पूछपरख के लिए अनचाहे कॉल या एसएमएस की संख्या बढ़ती जा रही है। इसे नजरअंदाज करना चाहिए। ऐसे फोन कॉल्स या एसएमएस पर कभी भी अपने बैंक अकाउंट या इंटरनेट बैकिंग के पासवर्ड या यूजर आइडी की जानकारी नहीं देनी चाहिए।


हैक होने से बचने के लिए यह करें
1. किसी भी अनचाहे मैसेज को ओपन करने से बचे

2. फेसबुक, वाट्सएप आदि में कोई भी संदिग्ध एप्लीकेशन या डाउनलोड करने से पहले जांच-पड़ताल करें
3. अधिकृत कंपनियों से सर्टिफाइड एप्लीकेशन से ही ऑनलाइन बैकिंग या सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें

4. वाइ-फाइ से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने से बचे

हैकिंग का अहसास ऐसे
1. फोन गर्म हो रहा हो।

2. फोन अचानक बंद हो जाए या रिबूट करने या रिस्टार्ट करने में समस्या आ रही हो।


सूचना तकनीक मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद एनआईटी के प्राध्यापकों ने हैकिंग के खतरे से बचने और सूचना सुरक्षा शिक्षा के लिए केंद्रीय विद्यालयों के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी है। ये शिक्षक अब स्कूलों में छात्रों के बीच यह जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
प्रो. डॉ. बी. आचार्य
कोआर्डिनेटर, इंफारमेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस, एनआइटी, रायपुर

Published on:
29 Nov 2018 07:02 am