
Raipur Teachers Protest: 7 मांगों पर जल्द फैसला
Raipur Teachers Protest: छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर राजधानी रायपुर में मंगलवार को बड़ा आंदोलन देखने को मिला। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों शिक्षकों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि सहायक शिक्षक वर्षों से वेतन विसंगति का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने चुनाव के दौरान "मोदी की गारंटी" के तहत वेतन संबंधी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
शिक्षकों का कहना है कि समान कार्य करने के बावजूद उन्हें अन्य शिक्षक संवर्गों की तुलना में कम वेतन मिल रहा है, जिससे आर्थिक और सामाजिक स्तर पर असमानता की स्थिति बनी हुई है।
फेडरेशन ने सरकार के सामने 7 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राठौर ने कहा कि कई बार ज्ञापन और चर्चा के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बार-बार सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द वार्ता कर मांगों पर निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
शिक्षकों के इस आंदोलन को सर्व शिक्षक संघ, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन और अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए।
रैली के बाद शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द कोई फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। राजधानी में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर राज्य में शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
Updated on:
16 Jul 2026 05:17 pm
Published on:
16 Jul 2026 05:16 pm
