16 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने का नया रास्ता,12वीं के बाद सीधे मिलेगा B.Ed में एडमिशन, सरकार ने शुरू की बड़ी तैयारी

Bhilai news:उच्च शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, पहले चरण में दुर्ग संभाग के चयनित सरकारी कॉलेजों में आवश्यक संसाधनों और बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
2 min read
Google source verification
Chhattisgarh news

सरकारी कॉलेज में BED का रास्ता साफ ( Photo Patrika)

Bhilai news: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप प्रदेश में शिक्षक शिक्षा की व्यवस्था बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने चार वर्षीय बीएड (इंटीग्रेटेड) पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए टास्क फोर्स का गठन किया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग संभाग सहित प्रदेश के बीएड कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से नया पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। साथ ही सरकारी महाविद्यालयों में भी बीएड की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी चल रही है।

विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा उपलब्ध कराई

फिलहाल प्रदेश के किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में चार वर्षीय बीएड अथवा इंटीग्रेटेड बीएड पाठ्यक्रम संचालित नहीं हो रहा है। यूजीसी के मानकों के अनुरूप आवश्यक संसाधन विकसित करने के बाद ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

12वीं के बाद शिक्षक बनने का अवसर

12वीं के बाद विद्यार्थी सीधे चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे, जिससे स्नातक और बीएड की पढ़ाई एक साथ पूरी होगी। नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षित शिक्षक तैयार करेगी। इसके लिए गठित टास्क फोर्स कॉलेजों में शिक्षकों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और अन्य संसाधनों का आकलन कर पाठ्यक्रम शुरू करने योग्य संस्थानों का चयन करेगी।तलाशी जा रही है संचालन की संभावनाएं उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के 13 सरकारी महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के सरकारी महाविद्यालयों में भी बीएड की शुरुआत की संभावना है।

सरकारी कॉलेजों में भी शुरू होगी बीएड की पढ़ाई

उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के 13 सरकारी महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। इसी क्रम में दुर्ग जिले के सरकारी महाविद्यालयों में भी बीएड की शुरुआत की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालयों की अध्ययनशालाओं में भी इस पाठ्यक्रम के संचालन की संभावनाओं का परीक्षण किया जा रहा है।

शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद

इसके अलावा विवि की अध्ययनशालाओं में भी इस पाठ्यक्रम के संचालन की संभावनाएं तलाशी जा रही है। इसके लिए शिक्षकों की नियुक्ति और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता होगी। टास्क फोर्स की रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इसके बाद दुर्ग सम्भाग सहित प्रदेश के बीएड कॉलेजों में चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

टंकराम वर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री