नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद निगम प्रशासन ने अब सरोना ट्रेचिंग ग्राउंड को ग्रीन जोन बनाने का निर्णय लिया है। साथ ही स्टार्म वाटर के साथ टे्रचिंग ग्राउंड का कचरा नदी में जाने से रोकने के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा ट्रेचिंग ग्राउंड की सुंदरता निखारने के लिए यहां सघन पौधरोपण और ग्राउंड की लेवलिंग सहित मिट्टी की कैपिंग भी कराई जाएगी। यह निर्देश शुक्रवार को नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक निरंजन दास ने सरोना ट्रेचिंग ग्राउंड के निरीक्षण के दौरान कही। इस दौरान निगम आयुक्त रजत बंसल ने संचालक निरंजन दास को सरोना ट्रेचिंग ग्राउंड का कचरा नदी में जाने से रोकने के लिए किए गए उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने दास को बताया कि ट्रेचिंग ग्राउंड की लेवलिंग सहित मिट्टी की कैपिंग शुरू कर दी गई है। इस दौरान संचालक ने एहतियात के तौर पर खारुन किनारे बाउंड्रीवॉल का निर्माण करने को कहा। इस दौरान नगरीय प्रशासन विभाग के यांत्रिकी प्रकोष्ठ के मुख्य अभियंता एसके जैन, अधीक्षण अभियंता संजीव ब्यौहार, स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. अमृत चोपड़ा और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।
मूर्ति विसर्जन के लिए बनवाएं कुंड
रायपुर . पर्यावरण विभाग ने नदियों, तालाबों आदि में मूर्ति विसर्जन के संबंध में कलक्टर, पुलिस अधीक्षक व निगम प्रशासन को पत्र जारी कर दिशा निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि विसर्जन के लिए नदियों व तालाबों के किनारे कुंड का निर्माण किया जाए, मूर्तियों के निर्माण में रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल न किया जाए और गणेश पूजन और नवरात्रि के दौरान स्थापित मूर्तियों की ऊंचाई 5 फीट से अधिक न हो। पर्यावरण विभाग के जनसंपर्क अधिकारी एपी सावंत ने बताया कि विसर्जन स्थल पर वेस्ट मटेरियल ले जाना प्रतिबंधित है।
1. मूर्ति विसर्जन स्थल पर पर्याप्त घेराबंदी व सुरक्षा की व्यवस्था हो।
2. विसर्जन स्थल पर नीचे लाइनर की व्यवस्था की जाए तथा विसर्जन के बाद लाइनर हटाया जाए।
3. सुनिश्चित किया जाए कि मूतियां मिट्टी से ही बनाई जाएं।