बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर में 24 अप्रैल को एक धर्मसभा के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज पर टिप्पणी की थी। शास्त्री ने कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज कई युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से मुक्ति पाने की इच्छा जताई और मुकुट लेकर समर्थ रामदास के पास पहुंचे। शास्त्री के अनुसार, शिवाजी महाराज ने मुकुट रामदास के चरणों में रख दिया, लेकिन रामदास स्वामी ने मुकुट वापस उनके सिर पर रखा। रामदास स्वामी ने शिवाजी से कहा कि थकान के बावजूद जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची सेवा है।+