
TMC Crisis: ममता बनर्जी(फोटो-IANS)
TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर शुरू हुआ सियासी संकट अब और गहराता दिखाई दे रहा है। पार्टी के बागी सांसदों ने खुलकर नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और अब खुद को ही 'असली टीएमसी' बताने लगे हैं।बागी सांसद जगदीश बर्मा बासुनिया ने दावा किया है कि लोकसभा में उनके साथ सबसे ज्यादा सांसद हैं और वे जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपने गुट को असली टीएमसी' के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका गुट अब अलग पहचान चाहता है और इसके लिए संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की भी मांग की जाएगी।
मीडिया से बात करते हुए बासुनिया ने बताया कि 15 जून को स्पीकर से मुलाकात प्रस्तावित है। इस दौरान बागी सांसद अपने पक्ष को विस्तार से रखेंगे और पार्टी के मौजूदा संसदीय ढांचे से अलग पहचान की मांग करेंगे। साथ ही संसद में भी अलग बैठने की जगह की मांग करेंगे। दिलचस्प बात यह है कि जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने उनसे या अन्य बागी सांसदों से संपर्क किया है, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें कोई फोन नहीं आया। उनके अनुसार, अब तक पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी दावा किया है कि सांसदों के एक बड़े समूह ने लोकसभा में अलग सीटिंग अरेंजमेंट की मांग की है।
जगदीश बर्मा बासुनिया ने कहा कि हमें सोमवार (15 जून) को लोकसभा स्पीकर से मिलने का समय मिला है। सभी (बागी) सांसद उनसे मिलने जाएंगे, वे सभी कल दिल्ली आ रहे हैं। आगे उन्होंने यह भी कहा कि रविवार (14 जून) को सभी सांसदों की बंगाल के सीएम शुभेन्दु अधिकारी के साथ बैठक होगी और फिर हम सोमवार को स्पीकर से मिलने जाएंगे। इसमें 19 सांसद शामिल होंगे।
टीएमसी में यह बगावत विधानसभा चुनाव में हार के बाद लगातार बढ़ता गया है। पार्टी के कई विधायक पहले ही नेतृत्व के खिलाफ खुलकर सामने आ चुके हैं। अब इसका असर संसद तक पहुंच गया है। तीन सांसद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि लोकसभा में बागी गुट ने लगभग 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया है।
Updated on:
12 Jun 2026 08:04 pm
Published on:
12 Jun 2026 07:17 pm
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