CG Liquor Scam: ईओडब्ल्यू ने छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में बड़ा खुलासा किया है। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद इसका खुलासा किया है कि शराब के नकली होलोग्राम नंबरों की छपाई का काम स्टेट जीएसटी के दफ्तार में किया जाता था।
Chhattisgarh Liquor Scam: ईओडब्ल्यू ने नकली होलोग्राम की सप्लाई करने वाले प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्रालिमि के स्टेट हेड दिलीप पांडे को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने स्टेट जीएसटी के नवा राजधानी स्थित दफ्तर के भूतल कक्ष में शराब के नकली होलोग्राम के सीरियल नंबरों की छपाई करने की सनसनीखेज जानकारी दी।
इस खुलासे के बाद जांच एजेंसी ने जीएसटी दफ्तर में मंगलवार को दबिश दी। इस दौरान दफ्तर के भूतल कक्ष में होलोग्राम प्रिंटिंग के सेटअप से जुड़े इंडिस्ट्रयल कम्प्यूटर के हार्ड ड्राइव बरामद किए। इसके जरिए ही शराब के नकली होलोग्राम के सीरियल नंबरोंं की छपाई करने की जानकारी मिली है। ईओडब्ल्यू ने उक्त सभी दस्तावेजी साक्ष्य को जांच के लिए जब्त किया है। साथ ही, सभी की वीडियोग्राफी कराई गई है।
यहां 2018 से 2023 तक छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की रकम दिखाने वाला चार्ट है। डेटा इन वर्षों में घोटाले की रकम में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
ईओडब्ल्यू के अफसरों ने बताया कि प्रिज्म कंपनी के नोएडा स्थित मुख्यालय से डुप्लीकेट होलोग्राम छपवाकर उसे रायपुर लाया जाता था। इसके परिवहन के लिए दस्तावेज, नकली होलोग्राम की संख्या और विवरण दिलीप पांडेय की निशानदेही पर बरामद किए हैं। साथ ही, दस्तावेजी साक्ष्य का परीक्षण किया जा रहा है। बता दें कि 2500 करोड़ के आबकारी घोटाले की इस समय ईडी के साथ ही ईओडब्ल्यू के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं।
ईओडब्ल्यू ने जारी प्रेस रिलीज में बताया है कि गिरफ्तार किए गए दिलीप पांडे ने पूछताछ में सिंडीकेट बनाना स्वीकार किया है। साथ ही, इसका मुख्य खिलाड़ी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरूणपति त्रिपाठी बताया हैं। वहीं, प्रिज्म होलोग्राफी के मालिक विधु गुप्ता द्वारा 2019 से 2022 के बीच तक फर्जी होलोग्राम छत्तीसगढ़ स्थित डिस्टलरियों को उपलब्ध कराना बताया है। फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर प्रकरण की जांच की जा रही है।