रायपुर

Mahadev Satta Case: सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ की संपत्तियां अटैच, सट्टे के पैसे से बुर्ज खलीफा में खरीदा अपार्टमेंट, जानें पूरा मामला

Mahadev Satta Case: ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े चर्चित महादेव ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके प्रमुख संचालकों में से एक सौरभ चंद्राकर की करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क (अटैच) कर ली हैं।

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Mar 25, 2026
Breaking ( Patrika File Photo )

Mahadev Satta Case: ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े चर्चित महादेव ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसके प्रमुख संचालकों में से एक सौरभ चंद्राकर की करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क (अटैच) कर ली हैं। एजेंसी ने कुल 20 अचल संपत्तियों पर कार्रवाई की है, जिनमें 18 संपत्तियां दुबई और 2 नई दिल्ली में स्थित हैं। इन सभी संपत्तियों की कुल बाजार कीमत लगभग 1700 करोड़ रुपये आंकी गई है।

ईडी के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 4300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं, जिससे यह केस देश के सबसे बड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामलों में शामिल हो गया है।

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मनी लॉन्ड्रिंग से खड़ी की संपत्ति

जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन को वैध दिखाने के लिए धन शोधन का सहारा लिया। इस रकम को देश और विदेश में रियल एस्टेट, लग्जरी बंगले, महंगी गाड़ियों और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया। ईडी का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से संगठित तरीके से संचालित हो रहा था और इसके जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार किया जा रहा था। एजेंसी की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है और आने वाले समय में इससे जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है।

दुबई के प्राइम लोकेशन पर लग्जरी प्रॉपर्टी

कुर्क की गई संपत्तियों में दुबई के प्रमुख इलाकों में स्थित हाई-एंड प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इनमें दुबई हिल्स एस्टेट में लग्जरी विला और अपार्टमेंट, बिजनेस बे में प्रीमियम रिहायशी यूनिट्स, SLS होटल एंड रेजिडेंस में हाई-एंड अपार्टमेंट और बुर्ज खलीफा में स्थित संपत्तियां शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन संपत्तियों को सौरभ चंद्राकर के अलावा उनके सहयोगियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर खरीदा गया था। इनमें विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन टिबरेवाल और सुरेंद्र बागरी जैसे नाम शामिल हैं।

अवैध सट्टेबाजी से जुटाया गया पैसा

ईडी की जांच के मुताबिक, इन संपत्तियों की खरीद के लिए इस्तेमाल किया गया पैसा महादेव ऑनलाइन बुक और अन्य अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म से अर्जित किया गया था। यह प्लेटफॉर्म लाइव गेम्स और विभिन्न इवेंट्स पर ऑनलाइन सट्टा लगाने की सुविधा देता था। इस मामले की जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज एफआईआर (FIR) के आधार पर की गई थी, जिनमें आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किए गए थे।

अब तक की कार्रवाई का ब्योरा

ईडी ने इस मामले में अब तक 175 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में 5 प्रॉसिक्यूशन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। एजेंसी के अनुसार, अब तक इस केस में कुल 4336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।

कौन है सौरभ चंद्राकर?

सौरभ चंद्राकर भिलाई का रहने वाला है। उसका शुरुआती जीवन साधारण रहा—उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे और वह खुद एक छोटी जूस की दुकान चलाता था। अधिक कमाई की चाह में वह साल 2019 में दुबई चला गया, जहां उसने अपने साथी रवि उत्पल के साथ मिलकर महादेव एप की शुरुआत की। धीरे-धीरे यह प्लेटफॉर्म ऑनलाइन सट्टेबाजी की दुनिया में बड़ा नाम बन गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह एप न सिर्फ खेलों बल्कि देश में होने वाले चुनावों तक पर दांव लगाने की सुविधा देता था, जिससे इसका नेटवर्क और भी व्यापक हो गया।

Updated on:
25 Mar 2026 08:29 pm
Published on:
25 Mar 2026 08:28 pm
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