
महासमुंद/रायपुर. महासमुंद पुलिस ने मंगलवार को रात करीब 10 बजे थाने में विधायक विमल चोपड़ा और उनके समर्थकों को घेरकर बेरहमी से लाठियों से पीटा। विधायक चोपड़ा हैंडबाल खिलाडि़यों के साथ दुव्र्यवहार की एक शिकायत लेकर थाने गए थे।
पुलिस के हमले में विधायक को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया है। उनके साथ गए पवन साहू और मोहन साहू का पैर टूट गया है। हितेश सोनी का सिर फट गया है वहीं सोनू लड्ढा,राजा लोनिया के सिर में चोट आई हैं। इन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हैंडबाल की महिला खिलाडि़यों काजल सिंह का हाथ टूट गया है जबकि कंचन, प्रिया और हर्षिता साहू को भी चोटें आई हैं। तीन बार हुए लाठी चार्ज में 50 से अधिक लोगों को चोट लगी हैं।
लाठी चार्ज से गुस्साए लोगों ने भी पुलिस थाने पर पथराव किया। उसके बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी है। शहर का माहौल तनावपूर्ण हो जाने भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। महासमुंद कलक्टर हिमशिखर गुप्ता, एसपी संतोष सिंह सहित वरिष्ठ अफसर अस्पताल पहुंचे तो उन्हें वहां लोगों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन महासमुंद बंद की घोषणा कर दी है।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत शाम 7-8 बजे के करीब मिनी स्टेडियम से हुई। वहां प्रैक्टिस कर रही हैंडबॉल की राष्ट्रीय खिलाडि़यों के साथ स्थानीय युवकों ने अभद्रता की। विरोध करने पर उन्होंने कोच अंकित लुनिया को पीट दिया। उसकी शिकायत लेकर वे थाने गए। उनको साथ लेकर एसआइ समीर डुमडुम मिनी स्टेडियम पहुंचे, लेकिन मामले को सुलझाने की बजाय खिलाडि़यों से ही अभद्रता कर बैठे। उसके बाद इन लोगों ने मामला विधायक तक पहुंचा दिया। विधायक ने फोन पर एसपी से बात करने की कोशिश की। बात नहीं हो पाई तो वे खुद थाने चले आए।
विधायक ने अभद्रता करने की वजह पूछी तो थाना प्रभारी उनसे उलझ गए। बाद में वहां पहुंचे सीएसपी उदय किरण ने धमकी दी कि अगर पांच मिनट में वे लोग थाने से नहीं हटे तो उन्हें तोड़ दिया जाएगा। इसका विरोध करने पर विधायक और उनके समर्थकों को धक्का देकर बाहर निकाल दिया। विरोध में विधायक थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। स्थानीय लोगों की भीड़ बढ़ती देख सीएसपी ने अतिरिक्त पुलिस बल और एसडीएम को बुलवा लिया। रात 10 से 11 बजे के बीच तीन तरफ से घेर कर लाठी चार्ज किया।
महासमुंद के एसपी संतोष सिंह ने बताया कि घटना के समय मौजूद नहीं था। अफसरों का कहना है, कि विधायक और उनके समर्थकों ने पहले बहस की फिर पथराव शुरू कर दिया। उसके बाद उन्हें लाठीचार्ज करना पड़ा। मामला कुछ संदिग्ध लग रहा है। जांच की जा रही है। जिम्मेदारों पर निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी।