Raipur News : मकानों के निर्माण के लिए किसी ने न तो निगम से एनओसी लिया और न ही नक्शा पास कराने की प्रक्रिया।
रायपुर। CG News : न निगम के मेन पाइप लाइन पर बस चुका है। मकानों के निर्माण के लिए किसी ने न तो निगम से एनओसी लिया और न ही नक्शा पास कराने की प्रक्रिया। केवल लोग मकान बनाते गए और बसते गए। इस पर नगर निगम ने भी उस दौरान कोई रोक नहीं लगाया।
सैलानी नगर में पाइप फूटने पर अब निगम कराएगा सर्वे
जब संजय नगर के सैलानी नगर में 60 से 70 साल पुरानी मेन पाइप लाइन फूटी तब नींद टूटी। इस घटना के बाद अब सर्वे कराकर नगर निगम उन सभी मकानों को चिह्नित करेगा, जो मेन पाइप लाइन के ऊपर हैं। सैलानी नगर में नए पाइप डालने के बाद दो दिनों से जलापूर्ति होने लगी है। दरअसल, बकरा मार्केट से लेकर पूरा संजयनगर, टिकरापारा और छत्तीसगढ़ नगर पुजारी की जमीन पर बसा है।
आज से 60 साल पहले उनकी जमीन सीलिंग में होने के कारण जिसको जहां जगह मिली बसते गए। मकान बनाने के बाद नगर निगम में टैक्स जमा करने लगे। इन मोहल्ले के बसाहट का यही इतिहास नगर निगम के पन्नों में दर्ज है। इन क्षेत्रों में न तो नगर निगम की एनओसी लागू हुई और न ही नक्शा पास कराने का कोई नियम-कायदा। नतीजा, बसाहट के पहले फिल्टर प्लांट से मोतीबाग तक जो पाइप लाइन बिछाई गई थी, उस पर अब मकानों का निर्माण हो चुका है।
पाइप लाइन का नक्शा होने का दावा
नगर निगम के जल विभाग के अधिकारियों का दावा है कि पुरानी लाइन कहां-कहां से निकली है, उसका नक्शा विभाग के पास है। जिस सैलानी नगर में पुरानी पाइप लाइन फूटी है, उन क्षेत्रों के बड़े-बुजुगोर्ं को यह जानकारी थी कि पाइप लाइन निकली हुई है। इसके बावजूद मकानों का निर्माण करा लिया। क्योंकि कई जगह वाल्ब साफतौर पर दिखाई देता है। लोगों का कहना है कि उस दौरान नगर निगम के जिम्मेदारों ने मकानों के निर्माण पर रोक भी नहीं लगाया। उसी का खामियाजा आज भुगतना पड़ रहा है।
संजयनगर, सैलानी नगर से होते हुए मेन पाइप निकली है। वह 60 से 70 साल पुरानी है। कई जगह मकानों का निर्माण हो चुका है। फूटने के बाद सर्वे कराना तय किया गया है। इसके लिए जल्द ही एक टीम गठित होगी।
- नरसिंह फरेंद्र, कार्यपालन अभियंता, जलविभाग, निगम