रायपुर

CGMSC Scam: दवा खरीदी में बड़ी गड़बड़ी, रायपुर, दुर्ग व हरियाणा में 12 ठिकानों पर छापा

CGMSC Scam: सीबीएमएससी के अफसरों ने दवा सप्लायरों से मिली भगत कर निर्धारित कीमत से कई गुना अधिक कीमत दवाई और उपकरणों की आपूर्ति की थी। इसके जरिए करोड़ों रुपए का फर्जीवाडा़ किया गया था।

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Jan 28, 2025
CGMSC Scam: दवा खरीदी में बड़ी गड़बड़ी, रायपुर, दुर्ग व हरियाणा में 12 ठिकानों पर छापा

CGMSC Scam: ईओडब्ल्यू ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) में हुए दवा खरीदी में घोटाले की जांच करने रायपुर, दुर्ग और हरियाणा स्थित पंचकुला में 12 ठिकानों में सोमवार को छापामारा। यह कार्रवाई रायपुर के धरसींवा स्थित ग्राम तर्रा में शारदा इंडस्ट्रीज, दुर्ग के गंजपारा में मोक्षित कॉर्पोरेशन, जीई रोड स्थित सीबी कॉरपोरेशन और रिकार्डर्स एवं मेडिकेयर सिस्टम, एचएसआईआईडीसी, पंचकुला हरियाणा की गई है। इसमें फर्म संचालकों के दफ्तर, घर और उनके करीबी लोगों के ठिकानें शामिल है।

जानकारी के अनुसार तलाशी के दौरान उक्त फर्म के संचालकों के ठिकानों से टेंडर, खरीदी संबंधी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक एकाउंट एवं निवेश से संबंधित दस्तावेज प्राप्त हुए है। इसके संबंध में पूछताछ कर बयान लिया जा रहा है। बताया जाता है कि यह फर्जीवाड़ा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड रायपुर के अधिकारीगण एवं संचालनालय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण संयुक्त रूप से किया गया था।

संयुक्त रूप से सिंडीकेट बनाकर आपराधिक षडयंत्र कर पूल-टेंडरिंग कर, स्वास्थ्य विभाग में उपयोग होने वाले रीएजेंट एवं मशीन की बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी की गई। बता दें कि विधानसभा के पिछले सत्र में यह मामला उठा था। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गंभीरता से लेते हुए ईओडब्ल्यू से जांच कराने का आश्वासन दिया था। फिलहाल ईओडब्ल्यू और एसीबी धारा 409, 120बी के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

600 करोड़ रुपए का घोटाला

सीबीएमएससी के अफसरों ने दवा सप्लायरों से मिली भगत कर निर्धारित कीमत से कई गुना अधिक कीमत दवाई और उपकरणों की आपूर्ति की थी। इसके जरिए करोड़ों रुपए का फर्जीवाडा़ किया गया था। बताया जाता है कि यह घोटाला करीब 600 करोड़ रुपए का है। कांग्रेस सरकार में हुए इस घोटाले को लेकर विधान सभा में मामला उठा था।

इसके बाद से ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम पूरे मामले का ब्यौरा जुटा रही थी। इसके इनपुट मिलते ही एक साथ रायपुर, दुर्ग और हरियाणा में छापामारा गया है। बता दें कि मोक्षित कार्पोरेशन दुर्ग स्थित गंजपारा निवासी शांतिलाल चोपड़ा और उनके बेटे शशांक चोपड़ा की दवा और मेडिकल इक्विपमेंट की एजेंसी हैं। यह एजेंसी सरकारी मेडिकल एजेंसी को दवा सप्लाई करती है।

Published on:
28 Jan 2025 07:31 am