रायपुर

छत्तीसगढ़ के 2 लाख गिग वर्कर्स को बड़ी राहत! अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन का अधिकार, जानें क्या मिलेगा लाभ?

E-Shram portal Chhattisgarh: प्रदेश में करीब 2 लाख गिग वर्कर्स को अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन की सुविधा मिल गई है। यह जानकारी रविवार को महाराष्ट्र मंडल में आयोजित संगोष्ठी के दौरान दी गई।

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Apr 13, 2026
छत्तीसगढ़ के 2 लाख गिग वर्कर्स को बड़ी राहत! अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन का अधिकार, जानें क्या मिलेगा लाभ?(photo-patrika)

E-Shram portal Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रदेश में करीब 2 लाख गिग वर्कर्स को अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन की सुविधा मिल गई है। यह जानकारी रविवार को महाराष्ट्र मंडल में आयोजित संगोष्ठी के दौरान दी गई।

E-Shram portal Chhattisgarh: सामाजिक सुरक्षा पर हुई संगोष्ठी

महाराष्ट्र मंडल में आयोजित इस संगोष्ठी में गिग वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा, अधिकार और उत्थान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में श्रमिक संगठनों, विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भाग लिया और गिग वर्कर्स की स्थिति को मजबूत करने पर जोर दिया।

कंपनियों की जिम्मेदारी पर सवाल

भारतीय मजदूर संघ की अध्यक्ष शोभा सिंहदेव ने कहा कि कंपनियां गिग वर्कर्स को “पार्टनर” तो कहती हैं, लेकिन उनकी सामाजिक सुरक्षा और जिम्मेदारियों के प्रति उदासीन रहती हैं। उन्होंने इस संगोष्ठी को गिग वर्कर्स के पुनरुत्थान की दिशा में अहम कदम बताया।

देश में गिग वर्कर्स का बड़ा नेटवर्क

छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि देश में गिग वर्कर्स का एक बड़ा नेटवर्क कार्य कर रहा है। घर-घर सेवाएं देने वाले डिलीवरी एजेंट से लेकर अन्य फ्रीलांस सेवाएं देने वाले लोग इस श्रेणी में आते हैं, चाहे वे किसी बड़ी कंपनी से जुड़े हों या नहीं। संगोष्ठी में बताया गया कि नए श्रम कानून लागू होने के बाद गिग वर्कर्स को कई अधिकार मिले हैं। अब वे ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन करा सकते हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

बीमा और कानूनी अधिकार भी शामिल

कर्मकार मंडल के पूर्व अध्यक्ष मोहन एंटी ने जानकारी दी कि पंजीकृत गिग वर्कर्स को 2 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा। इसके अलावा यदि किसी कंपनी द्वारा उनकी आईडी ब्लॉक की जाती है, तो वे उसके खिलाफ शिकायत और सुनवाई का अधिकार भी रखते हैं। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि गिग वर्कर्स को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। जागरूकता के अभाव में वे कई सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।

अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका

श्रमिक शोधार्थी शुभांगी शुक्ला ने कहा कि गिग वर्कर्स देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। वे रोजमर्रा की सेवाओं को आसान बनाते हैं, लेकिन उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत मंच की जरूरत है।

संगठन बनेगा आवाज का माध्यम

संगोष्ठी में यह भी कहा गया कि गिग वर्कर्स के हितों की रक्षा के लिए संगठनों की भूमिका अहम है। यही संगठन उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं। यह संगोष्ठी गिग वर्कर्स के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर एक नई शुरुआत मानी जा रही है। आने वाले समय में इससे जुड़े और ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे लाखों गिग वर्कर्स को सीधा लाभ मिल सके।

Published on:
13 Apr 2026 09:31 am
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