
Martyr Jawan Nitesh Ekka: नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के कुतुल के जंगल में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए जशपुर की माटी के लाल आरक्षक नितीश एक्का को गृहग्राम चराईडांड़ में मातम भरे माहाैल में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।
शदीद को विदाई देने रविवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर कोई आखिरी बार नितीश को देखना चाह रहा था। रायपुर से जैसे ही शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर सेना का विशेष विमान जशपुर पुलिस लाइन हैलीपेड लाया गया। यहां शहीद के परिजन और पूर्व राज्यसभा सांसद और जशपुर राजपरिवार के रणविजय प्रताप सिंह जूदेव, विक्रमादित्य सिंह जूदेव सहित अन्य लोगों ने कांधा दिया। पैत्रिक गांव में शहीद जवान को गार्ड आफ ऑनर भी दिया गया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रविवार को चौथी बटालियन माना पहुंचकर गत दिवस नारायणपुर जिले में नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए जवान नितेश एक्का के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर को कंधा देकर ससम्मान गृहग्राम जशपुर जिले के चराईडांड के लिए रवाना किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सली मुठभेड़ में हमारे वीर जवान ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। नक्सलवाद के खिलाफ हम निर्णायक लड़ाई लड़ रहे है। हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान शहीद जवान नितेश एक्का के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
दरअसल नक्सल मोर्चे पर तैनात एसटीएफ के शहीद आरक्षक नितेश एक्का जशपुर जिले के रहने वाले थे, पिछले 12 जून को नारायणपुर जिले के फरसबेड़ा-धुरबेड़ा क्षेत्र में डीआरजी, एसटीएफ और बीएसएफ का संयुक्त बल नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुआ था। ऑपरेशन के दौरान 15 जून शनिवार को नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और जवाबी कार्रवाई में आठ माओवादियों को जवानों ने मार गिराया, इस दौरान सुरक्षाबल के दो जवान घायल हुए और एक जवान नितेश एक्का शहीद हो गए।