रायपुर

Dahi Handi 2025: 50 साल पुरानी परंपरा आज भी कायम, राजधानी में गूंजे ‘गोविंदा-आला रे’ के जयकारे… उमड़ा जनसैलाब

Dahi Handi 2025: राजधानी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मटकी फोड़ने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। शहर में ऐसी कई समितियां हैं जो यह परंपरा 50 वर्षों से भी ज्यादा समय से निरंतर जारी रखे हुए हैं।
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Aug 18, 2025
जन्माष्टमी की धूम (फोटो सोर्स- पत्रिका)
जन्माष्टमी की धूम (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Dahi Handi 2025: राजधानी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मटकी फोड़ने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। शहर में ऐसी कई समितियां हैं जो यह परंपरा 50 वर्षों से भी ज्यादा समय से निरंतर जारी रखे हुए हैं। वहीं अब युवाओं की नई टोलियां भी इसका निर्वहन कर रही हैं।

जन्माष्टमी के अगले दिन राजधानी के नर्मदापारा, लोधीपारा, टिकरापारा, मठपारा, कालीबाड़ी, पुरानी बस्ती, रामसागर पारा, आमापारा, मोवा, शंकर नगर, पंड़री आदि क्षेत्रों में गोविंदाओं की टोलियां मटकी फोड़ती हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ ही उत्साह से भरी युवाओं की टोलियों को देखने जनसैलाब उमड़ता है।

बजरंग युवा समिति

राजधानी के टिकरापारा क्षेत्र में कई जगहों पर मटकी फोड़ का आयोजन किया जाता है। यहां पर गली-गली में मटकी फोड़ी जाती है। मठपारा में मानव पिरामिड बनाकर मटकी तोड़ने की पंरपरा है। यहां मटकी फोड़ते युवाओं को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है। मटकी फोड़ने वाली टोली का पुरस्कार भी दिए जाते हैं।

जय भोले ग्रुप

राजधानी के कालीबाड़ी क्षेत्र में संघर्ष मोहल्ला विकास समिति जय भोले ग्रुप गांधीनगर के सदस्य 30 वर्षों से मटकी फोड़ का आयोजन कर रहे हैं। यहां पर युवाओं का समूह कई दिनों पहले से इसकी तैयारी करता है। रास्ते में जगह जगह मटकी बांधी जाती है। युवाओं का कहना है कि मटका फोड़ने में अलग आनंद आता हैं।

नटखट गोपाल समिति

राजधानी के रमण मंदिर वार्ड के चूनाभट्टी क्षेत्र में नटखट गोपाल समिति दही हांड़ी फोड़ का आयोजन करती है। समिति के सदस्यों ने बताया कि हम पिछले 5 सालों से यह आयोजन को जारी रखे हुए हैं। हालांकि पहले मोहल्ले में यह आयोजन पुराने लोग करते थे। अब यह कमान अब युवाओं थाम रखी है। कृष्ण का रूप धरकर ग्वालों के साथ मटका फोड़ने मोहल्ले में युवा निकलते हैं।

राधाकृष्ण मंदिर समिति

राजधानी के नर्मदापारा में राधाकृष्णा मंदिर समिति को कृष्ण जन्माष्टमी मनाते लगभग 5 दशक बीत चुके हैं। यहां जन्माष्टमी के कई दिनों पहले ही तैयारी शुरू हो जाती हैं। कई मंडलियां यहां पर अपनी प्रस्तुति देने पहुंचती हैं। लगातार 24 घंटे तक रामसत्ता के माध्यम से अखंड रामधुनी की जाती है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले मंडिलियों को पुरस्कृत भी किया जाता हैं। हजारों की संख्या में यह प्रस्तुति देखने लोग पहुंचते हैं। वही दूसरे दिन मटकी फोड़ का आयोजन किया जाता है। इसमें गोविंदाओं की टोली दही हांड़ी तोड़ने निकलती है।

Updated on:
18 Aug 2025 01:07 pm
Published on:
18 Aug 2025 01:07 pm