
रायपुर . महिला से छेड़छाड़ मामले में बर्खास्त एआईजी संजय शर्मा को बहाल करने के प्रस्ताव पर महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा के आवेदन पर फैसला करने के लिए बनी मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में उन्होंने कहा, वर्दी पहनने वालों को उसकी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। मंत्री यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने कहा, राजधानी में एक आरक्षक द्वारा युवती से बलात्कार की वजह से सरकार और पुलिस की किरकिरी हुई है। एेसे संवेदनशील मामले में संजय शर्मा को राहत दी गई तो सरकार की छवि पर असर पड़ सकता है।
साहू ने कहा, वर्दी पहनने वाला रक्षक होता है। वह एेसा कृत्य करे यह उचित नहीं है। एेसे लोगों को सजा में किसी तरह की रियायत नहीं दी जानी चाहिए। बताया जा रहा है कि मंत्री की आपत्ति के बाद थोड़़ी देर तक चर्चा हुई और विषय को अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया। इस उप समिति में राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर और वन मंत्री महेश गागड़ा भी शामिल हैं।
राज्यपाल को दिया है आवेदन
पुलिस मुख्यालय में एआईजी सुरक्षा के पद पर तैनात संजय शर्मा पर एक महिला एसआई ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। विशाखा कमेटी से जांच के बाद मुख्यालय ने आरोपों को सही पाया। इसके बाद सरकार ने शर्मा को बर्खास्त कर दिया। बाद में संजय शर्मा ने राज्यपाल के पास आवेदन लगाकर बहाली की मांग की। इस आवेदन को राज्यमंत्रिपरिषद की बैठक में रखा गया। कुछ मंत्रियों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री ने इस विषय को मंत्रिमंडलीय उपसमिति को सौंपा है। उपसमिति की बुधवार को दूसरी बैठक थी।