
Raipur Ration Shop Scam: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत संचालित राशन दुकानों में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने एक उचित मूल्य दुकान के संचालक और विक्रेता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, जोरा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (आईडी क्रमांक 442001026) में लाखों रुपये मूल्य के चावल की कमी पाई गई। इस दुकान का संचालन महामाया खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति मर्यादित द्वारा किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि समिति के अध्यक्ष और विक्रेता टोपेश्वर साहू ने लगभग 389.24 क्विंटल चावल का गबन किया है।
खाद्य विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद खाद्य विभाग की शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने टोपेश्वर साहू के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
रायपुर में पीडीएस दुकानों से गरीबों को तीन माह का एकमुश्त राशन दिया जा रहा है। दुकानों में राशन तो पहुंचा है, लेकिन ग्राहकों पर राशन न लेकर पैसे लेने का दबाव बनाया जा रहा है। लगातार मिल रही शिकायत के बाद दैनिक भास्कर की टीम ने इस पूरे मामले की जमीनी पड़ताल की। भास्कर के स्टिंग में दुकानदार बिना झिझक यह कहते मिले कि चावल नहीं मिलेगा, पैसे ले लो।कई जगहों पर तो उपभोक्ताओं पर दबाव तक बनाया जा रहा है कि वे अनाज की मांग न करें। जबकि नियमानुसार राशन दुकानदारों को तय मात्रा में अनाज देना अनिवार्य है।
हीरापुर हीरापुर में स्थिति पीडीएस दुकान में हम पहुंचे और कार्ड देकर 3 माह का चावल मांगा। दुकानदार ने कार्ड लिया और आईडी खोलकर चावल की एंट्री कर दी। इसके बाद दुकानदार ने कहा- अभी एक माह का ही चावल है, स्टॉक नहीं आया है। इसलिए एक माह का चावल ले लो और दो महीने का पैसा ले लो। रिपोर्टर ने कहा कि घर में चावल नहीं है, बाजार से खरीदी में महंगा मिलता है तो जवाब मिला कि अभी सबको ऐसे ही दे रहे हैं। दुकानदार ने अपना नाम नीरा छुरा बताया और हम बाहर आ गए।
राशन दुकानों में चावल देने का पूरा सिस्टम ऑनलाइन है। लेकिन दुकानदार धांधली करने का तरीका भी खोज लिया है। राशन के लिए जब मशीन में एंट्री करनी होती है तब वे लोहे की बाट रख देते हैं। इससे मशीन में चावल के वजन की एंट्री हो जाती है और चावल के बदले में ग्राहकों को पैसे दिए जाते हैं।प्रति किलो 5 से 10 रुपए की काली कमाई उचित मूल्य की दुकानों से दुकानदार प्रति किलो 5 से 10 रुपए की काली कमाई करते हैं। क्योंकि दुकानदार ग्राहकों को 20 रुपए प्रति किलो के हिसाब से चावल के लिए पैसे दे रहे हैं। जबकि मार्केट में उसी चावल को वह 25 से 30 रुपए में खपाया जाता है।