
NEET PG Schedule Delay: NEET PG का बदला Timetable अब भी नहीं सुधरा(photo-patrika)
NEET PG Schedule Delay: छत्तीसगढ़ के रायपुर में कोरोनाकाल के दौरान प्रभावित हुआ NEET PG का शेड्यूल अब तक सामान्य नहीं हो पाया है। पहले जनवरी-मार्च के बीच होने वाली परीक्षा अब अगस्त में आयोजित की जा रही है। इसका सीधा असर मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रों की एंट्री पर पड़ रहा है। देरी से नए बैच के जूनियर डॉक्टर आने के कारण सीनियर डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है। अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और इलाज व्यवस्था भी कई बार प्रभावित हो रही है। मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रों की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है।
पिछले साल 15 जून को होने वाली NEET PG परीक्षा 3 अगस्त को आयोजित की गई थी। वहीं इस साल परीक्षा 30 अगस्त को प्रस्तावित है। परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी और काउंसलिंग नवंबर-दिसंबर में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस देरी का असर राजधानी के नेहरू मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रों के प्रवेश पर पड़ेगा।
कोरोनाकाल यानी 2020-21 और 2021-22 के दौरान लॉकडाउन और संक्रमण की स्थिति के कारण NEET PG परीक्षा प्रभावित हुई थी। इसके बाद से परीक्षा, काउंसलिंग और एडमिशन का पूरा शेड्यूल पीछे चल रहा है। वर्ष 2024 में भी NEET PG परीक्षा पहले 23 जून को होनी थी, लेकिन नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) ने इसे स्थगित कर दिया था। बाद में परीक्षा 11 अगस्त को दो पालियों में आयोजित हुई।
पीजी छात्र मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर और हाउस डॉक्टर के रूप में अहम भूमिका निभाते हैं। ये ओपीडी में मरीजों के इलाज, सर्जरी और अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग करते हैं। पीजी छात्रों के देर से आने के कारण अस्पतालों में सीनियर डॉक्टरों और मौजूदा स्टाफ पर अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ रही है।
प्रदेश में पिछले साल नॉन क्लीनिकल विभागों की 74 एमडी सीटें खाली रह गईं। पिछले आठ वर्षों में यह सबसे बड़ी संख्या बताई जा रही है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 18 सीटें और निजी मेडिकल कॉलेजों की 56 सीटें लैप्स हुईं। विशेषज्ञों के अनुसार नॉन क्लीनिकल विषयों में प्रैक्टिस के अवसर कम होने के कारण छात्रों की रुचि घट रही है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में पीजी की कुल 646 सीटें हैं। इनमें छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 382 और तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में 264 सीटें शामिल हैं।नए सत्र में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 40 से ज्यादा सीटें बढ़ने की संभावना है। इससे NEET PG क्वालिफाइड छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार अब MBBS के बाद PG और फिर सुपर स्पेशलिटी कोर्स करने का चलन बढ़ रहा है। पीजी डिग्री से डॉक्टरों को विशेषज्ञता के साथ करियर और प्रैक्टिस में बेहतर अवसर मिलते हैं।
Published on:
19 Jun 2026 02:31 pm
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