सेल्फ इंवेस्टमेंट करें बिना ये सोचे कि इससे फायदा क्या होगा। जो आपका लक्ष्य है वहां तक पहुचने के लिए उस पर फोकस करना बहुत जरूरी है
सुनील सुधाकर पाण्डेय@रायपुर. सेल्फ इंवेस्टमेंट करें बिना ये सोचे कि इससे फायदा क्या होगा। जो आपका लक्ष्य है वहां तक पहुंचने के लिए उस पर फोकस करना बहुत जरूरी है। क्योंकि वहां पर आपको सिखाने वाला कोई नहीं होता है। एेसा कहना है मिस्टर इंडिया पार्टिसिपेट कर चुकें मॉडल आर्यमान का। उनसे हुई बातचीत के कुछ अंश...
कोई भी एक्टीविटी जो मेरे कॅरियर को आगे बढ़ाने में हेल्प करे उसको प्रॉयरिटी देता हूं। हर रोज मेडिटेशन करना, जिम जाना, मार्शलआर्ट की क्लासेस और डेली थियेटर में रिहर्सल करना। मैं कैसा दिख रहा लोगों पर मेरी इमेज का क्या असर होगा इस पर अच्छा खासा फोकस रखता हूं।
मुझे याद है कि जब मैं क्लास टू में था तब पहली बार फैंसी ड्रेस कॉम्पिटीशन में गुंडे का रोल प्ले किया था। बचपन से ही निगेटिव पावरफुल कैरेक्टर अट्रैक्ट करता था। इसलिए स्कूल और कॉलेज में कोई भी एेसा मौका मिलता था तो मैं पीछे नहीं हटता था। मेरे द्वारा किए गए एक्ट लोगों को काफी प्रभावित करता था। तीन साल पहले मैं जिम और मार्शल आर्ट शुरू किया। इसके साथ ही मैंने मॉडलिंग और थिएटर करना शुरू कर दिया।
शुरुआती दौर में तो मॉडलिंग कॉम्पिटीशन में पार्टीसिपेट करता था। कुछ कॉमर्सियली एेड भी किये हैं एेज अ मॉडल। जिनमें से एक एेड रिलीज हो चुका है और दो रिसेंटली आने वाले हैं। थियेटर में छ: से ज्यादा प्ले किया है। इसके तैयारी के लिए मैंने तीन सौ से ज्यादा रिहल्र्सल की। पिछले वर्ष नवम्बर में मिस्टर इंडिया फैशन शो में मैं टॉप फिप्टी तक पंहुचा था।
मुंबई में लड़कियों से ज्यादा लडक़े फिजिकली शिकार होते है। लेकिन ये सब अंदर की बात है पता नहीं चलता क्या चल रहा है। लेकिन अगर कोई अचानक से चमकने लगे तो फिर संदेह होता है।
नेक्ट मिस्टर इंडिया के लिए वर्कआउट कर रहा हूं। इसके थ्रू ही मुझे बॉलीवुड तक का सफर तय करना है।