CG Fraud: साइबर ठग ने उन्हें वॉट्सऐप के जरिए एक इंटरनेट लिंक भेजा, जिसे ओपन करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 5 लाख 78 हजार 821.93 का आहरण हो गया।
CG Fraud: रायपुर के पंडरी इलाके में रहने वाली एक महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। अज्ञात आरोपी ने उन्हें कॉल करके बैंक खाता बंद होने की जानकारी दी। इसके बाद एक इंटरनेट लिंक भेजा, जिसे ओपन करते ही महिला का मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके दो बैंक खातों से 5 लाख से अधिक रकम पार हो गए। इसकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना में लिया है।
पुलिस के मुताबिक प्रतिमा गृहणी हैं। उनके पास 31 मार्च को अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉलर ने बताया कि उनका बैंक खाता बंद हो गया है। इसे चालू करने के लिए वॉट्सऐप में जो लिंक भेजा जा रहा है, उसे ओपन करके भरना है। महिला उसकी बातों में आ गई।
साइबर ठग ने उन्हें वॉट्सऐप के जरिए एक इंटरनेट लिंक भेजा, जिसे ओपन करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 5 लाख 78 हजार 821.93 का आहरण हो गया। इसकी शिकायत पर पंडरी पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना में लिया है।
31 मार्च को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका खाता बंद हो गया है और उसे चालू कराने के लिए व्हाट्सऐप पर भेजे गए लिंक को खोलना होगा।
ठगों के झांसे में आकर महिला ने जैसे ही लिंक ओपन किया, उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद आरोपियों ने महिला के यूको बैंक और इंडियन बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकालनी शुरू कर दी। यूको बैंक खाते से करीब 4.58 लाख रुपए और इंडियन बैंक खाते से 1.19 लाख रुपए निकाल लिए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 5,78,821 रुपए की ठगी को अंजाम दिया।
इस तरह के फ्रॉड को आमतौर पर फिशिंग (Phishing) या मैलवेयर लिंक स्कैम कहा जाता है।
कॉल के जरिए डर पैदा किया जाता है (खाता बंद, KYC, OTP आदि)
फर्जी लिंक भेजा जाता है।
लिंक ओपन करते ही मोबाइल में स्पाइवेयर/मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है।
फिर ठग बैंकिंग ऐप, OTP, SMS तक पहुंच बना लेते हैं।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
बैंक कभी भी व्हाट्सऐप या कॉल से लिंक भेजकर KYC नहीं करवाते।
मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप/अनजान ऐप इंस्टॉल न करें।
तुरंत संदेह होने पर 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।
बैंकिंग SMS/ईमेल पर नजर रखें।