मोर बिजली एप पर उपभोक्ता जता रहे भरोसा बिजली कार्यालयों में लाइन लगने की झंझट से बच रहे उपभोक्ता।
राज्य के बिजली दफ्तरों में बिल जमा करने की लाइन से परेशान अधिकारियों ने मोर बिजली एप लांच किया था, लेकिन एकाएक राज्य की जनता ने इस एप पर भरोसा नहीं जताया। पुराने ढर्रे पर चल रही भुगतान प्रणाली काे बदलने बिजली विभाग ने कई अभियान चलाए, जिसका प्रतिसाद अब मिलने लगा है। अब इस एप सहित विभिन्न माध्यम से राज्य के 11 लाख से ज्यादा लोग ऑनलाइन बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं। वहीं सिर्फ 90 दिनों में 60 हजार से ज्यादा लोगों ने इस एप को अपने फोन पर इंस्टॉल किया है। इस एप से प्रदेश की घरेलू और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने अब लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ती। इससे समय की भारी बचत हो रही है।
उल्लेखनीय है कि बिजली कंपनी के अधिकारियों ने मोर बिजली एप की शुरुआत ढाई साल पहले की थी। इस एप से उपभोक्ताओं को अच्छा रिस्पांस मिलने के बाद प्रदेश के 11 लाख से ज्यादा उपभोक्ता हर माह बिजली बिल ऑनलाइन जमा कर रहे हैं। बिजली बिल जमा करने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली एप के अलावा अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफार्म का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। उपभोक्ताओं की बढ़ती हुई जागरुकता को देखकर विभागीय अधिकारियों का कहना है, कि आने वाले वर्षों में जोन कार्यालय जाकर बिजली बिल जमा करने वालों की संख्या नाम मात्र की होगी।
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प्रदेश में 49 लाख उपभोक्ता
बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया, कि घरेलू, कॉमर्शियल, कृषि और एचटी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं की संख्या प्रदेश में 49 लाख है। इन उपभोक्ताओं में से 10 लाख 20 हजार उपभोक्ताओं ने मोर बिजली एप डाउनलोड किया है और उससे बिल भुगतान करने के अलावा 16 प्रकार की सुविधाएं भी ले रहे हैं। मोर बिजली एप के अलावा उपभोक्ता अमेजन, पेटीएम जैसे ऑनलाइन एप का इस्तेमाल करके भुगतान भी कर रहे हैं।
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