KhamarchhathPuja :संतान की दीर्घायु का पर्व खमरछठ मंगलवार को मनाया गया।
रायपुर. संतान की दीर्घायु का पर्व खमरछठ मंगलवार को मनाया गया। इस मौके पर माताओं ने अपने बच्चों की लंबी उम्र के लिए दिनभर उपवास रखा। लाई, पसहर, महुआ, दूध-दही आदि का भोग लगाकर सगरी की पूजा की। इसमें 6 लोटा जल अर्पित किया। मोहल्लों-मंदिरों में मां हलषष्ठी की कथा पढ़ी और सुनी गई। माताओं की दिनभर की व्रत और पूजा शाम को तब जाकर पूरी हुई जब बेटे की पीठ पर ममता की थाप पड़ी।
दरअसल, खमरछठ की पूजा के बाद बच्चे की पीठ पर पोता मारने की परंपरा है। यही ममता की थाप है। महामाया मंदिर के पुजारी पं. मनोज शुक्ला ने बताया कि बच्चों की लंबी उम्र के लिए माताओं द्वारा किया जाने वाला छत्तीसगढ़ी संस्कृति का यह ऐसा पर्व है, जिसे हर जाति और वर्ग के लोग मनाते हैं। इस त्योहार को हलषष्ठी, हलछठ, खमरछठ और कमरछठ नाम से भी जाना जाता है।
मंगलवार को इस पर्व पर माताओं ने सुबह से महुआ पेड़ की डाली से दातून करने के बाद स्नान कर व्रत धारण किया। घर के आंगन और मंदिरों में सगरी बनाई गई। इसमें पानी भरा गया। गौरी-गणेश, मिट्टी से बनी हलषष्ठी माता की प्रतिमा और कलश की स्थापना कर पूजा की गई।
साड़ी समेत सुहाग के दूसरी चीजें भी माता को समर्पित की गई। इसके बाद हलषष्ठी माता की 6 कथाएं पढ़ी और सुनाई गईं।
इंद्रप्रस्थ फेस-2
बसंत विहार कॉलोनी: निर्जला व्रत रखा
बसंत विहार कॉलोनी की महिलाओं ने मंगलवार को निर्जला व्रत रखकर पूजा की। इस दौरान सभी ने साथ मिलकर हलषष्ठी की छह कथाएं सुनीं। बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
डंगनिया: महिला मंडल ने मिल-जुलकर की पूजा
संगीत महिला मंडल की सदस्यों ने मंगलवार को मिल-जुलकर खमरछठ पूजा की। इस दौरान संगीता दुबे, शशि कला, रितु, ममता, मंजू, पुष्पा, सुधा, रश्मि, चारु, कमला आदि मौजूद रहीं।
कैलाशपुरी: दोपहर बाद जुटीं महिलाएं
कैलाशपुरी विकास परिषद की महिलाओं ने भी खमरछठ पूजा की। सरिता मिश्रा ने व्रत का महत्व बताया। वहीं दीप्ति चंद्रा ने कथा वाचन किया। इस दौरान शीला गोस्वामी, स्नेहलता साहू, विनीता साहू, आयुषी शर्मा आदि मौजूद रहीं।