
बिलासपुर. बंधवापारा में स्कूल के पास स्थित शराब दुकान को हटाने पिछले 7 दिनों से चल रहा अनशन और धरना प्रदर्शन शु₹वार को सातवें दिन खत्म हो गया। एसडीएम श्रीकांत वर्मा और आबकारी विभाग के अधिकारियों ने 31 मार्च तक अनुबंध होने का हवाला देते हुए 31 मार्च के बाद शराब दुकान का संचालन बंद करने और जगह मिलने पर वहां से जल्द दुकान हटाने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद अनशनकारियों ने धरना प्रदर्शन और भूखहड़ताल खत्म कर दी।
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प्रशासन और आबकारी की ओर से 31 मार्च के बाद शराब दुकान का संचालन नहीं किए जाने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही नई जगह मिलने पर 20-25 दिनों में शराब दुकान को वहां शिफ्ट करने भी कहा है। इस आश्वासन पर नारी शक्ति टीम ने सहमति दी तब मैंने अनशन तोड़ा। यदि इसके बाद भी शराब दुकान का संचालन वहां होता है तो जमीन मालिक के घर के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
संजय सिंघानिया, सांकेतिक गांधी
वहीं जिस जमीन को किराये पर लेकर आबकारी विभाग शराब दुकान संचालित कर रहा है उसके मालिक ने भी अनुबंध के तहत शराब दुकान तय तिथि या इससे पहले बंद करने आबकारी विभाग को नोटिस दिया है। बंधवापारा स्थित ड्रीमलैण्ड स्कूल के पास शराब दुकान का संचालन वर्ष 2017 से जारी है। कई बार विरोध के बाद भी यहां से दुकान नहीं हटाई गई थी।
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इससे लगातार मोहल्लेवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। 7 दिन पहले नारी शक्ति टीम और समाज सेवक संजय सिंघानिया ने सांकेतिक रूप से महात्मा गांधी बनकर अनशन शुरू किया था। धरना प्रदर्शन और अनशन को राजनीतिक दलों और समाजिक संस्थाओं ने भी समर्थन दिया।
सातवें दिन शुक्रवार को सुबह एसडीएम श्रीकांत वर्मा और आबकारी विभाग की एसडीओ कल्पना राठौर धरना स्थल पर पहुंची। उन्होंने नारी शक्ति टीम और संजय को बताया कि शराब दुकान संचालन के लिए शासन ने जमीन मालिक से 31 मार्च 2023 तक अनुबंध किया है।
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अनुबंध के तहत शराब दुकान हटाई नहीं जा सकती। 31 मार्च के बाद वहां दोबारा शराब दुकान नहीं खुलेगी, लेकिन दूसरी जगह मिलने पर इस शराब दुकान को वहां शिफ्ट किया जाएगा। इस आश्वासन पर नारी शक्ति टीम और संजय सिंघानिया राजी हो गए।
जमीन मालिक ने दिया विभाग को नोटिस...
शराब दुकान जिस जमीन पर है उसके मालिक भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ने गुरुवार को सहायक आयुक्त आबकारी को नोटिस दे दिया। जिसमें अनुबंध के तहत 31 मार्च के बाद शराब दुकान का संचालन नहीं करने की बात कही है। भूपेंद्र ने कहा है कि शराब दुकान से मोहल्लेवासियों को परेशानी हो रही है। यदि 31 मार्च के बाद भी दुकान नहीं हटी तो न्यायालय की शरण में चले जाएंगे।
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जूस पिलाकर और माला पहनाकर तोड़वाया अनशन...
अनशनकारी और धरना देने वालों के राजी होने के बाद आबकारी विभाग की एसडीओ कल्पना राठौर ने संजय को जूस पिलाकर अनशन तोड़वाया। अनशन टूटते ही एसडीएम वर्मा ने संजय को माला पहनाकर उनका सम्मान किया।
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प्रशासन हमेशा समस्याओं का समाधान करने के लिए जनता के साथ रहता है। नियमानुसार शराब दुकान को 31 मार्च के बाद यहां संचालित नहीं किया जाएगा। इस बीच यदि अन्य स्थान मिलता है तो वहां शराब दुकान को शिफ्ट किया जाएगा।इस आश्वासन पर सांकेतिक गांधी और महिलाएं मान गई और अनशन तोड़ दिया। स्कूलों के पास शराब दुकान और सिगरेट व जर्दे की दुकानों को हटाने का मामला शासन स्तर का है। इस बात को शासन के संज्ञान में लाया जाएगा। ऐसे स्थानों को चिन्हांकित कर कार्रवाई की जाएगी।
श्रीकांत वर्मा, एसडीएम, बिलासपुर
तंबू उखाड़ने की थी तैयारी...
शुक्रवार सुबह एसडीएम और आबकारी विभाग की टीम के साथ सरकंडा और कोनी थाने के प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे थे। उनके साथ महिला आरक्षक भी थी। सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी तंबू उखाड़ने पहुंचे थे, लेकिन अनशन कारियों के मान जाने पर तंबू उखाड़ने की जरूरत नहीं पड़ी।