28 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ी राहत! खाद के लिए टोकन व्यवस्था पूरी तरह से खत्म, कृषि मंत्री ने की घोषणा

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए साय सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। खाद को लेकर आ रही समस्या पर सरकार ने अब टोकन व्यवस्था समाप्त करने की घोषणा की है..
2 min read
Google source verification
Chhattisgarh News, chhattisgar farmers

खाद के लिए टोकन व्यवस्था पूरी तरह से खत्म ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh Farmers: राज्य सरकार ने खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश के किसानों को एक बड़ी राहत दी है। राज्य में खाद वितरण के लिए लागू टोकन व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। अब किसानों को सहकारी समितियों से खाद खरीदने के लिए लंबी लाइनों में लगकर टोकन लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे सहकारी समितियों और निर्धारित वितरण केंद्रों पर जाकर अपनी जरूरत के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

Chhattisgarh News: पर्याप्त भंडारण के कारण लिया गया फैसला

कृषि मंत्री के अनुसार, राज्य में वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। लगभग 80 फीसदी खाद की व्यवस्था पहले ही की जा चुकी है। इसी उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि बड़े और मध्यम किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद मिल सके। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य किसानों को अनावश्यक इंतजार और केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है।

पहले की व्यवस्था और किसानों की शिकायतें

इससे पहले तक किसानों को चरणबद्ध तरीके से टोकन के माध्यम से खाद बांटी जाती थी। इस व्यवस्था में किसानों को पहले टोकन लेना पड़ता था और फिर निर्धारित तिथि व समय पर खाद मिलती थी। कई जिलों से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि टोकन मिलने के बाद भी किसानों को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता था और कई बार खाद खत्म होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता था। जटिल प्रक्रिया खत्म होने से किसानों का कीमती समय बचेगा। वितरण केंद्रों पर पारदर्शिता बढ़ेगी और किसान सीधे खाद ले सकेंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बेहद लाभकारी है, लेकिन केंद्रों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बेहतर प्रबंधन और कड़ी निगरानी की आवश्यकता होगी।