
रायपुर. नवनियुक्ति मुख्य सचिव अमिताभ जैन (Amitabh Jain new chief secretary of Chhattisgarh) ने बुधवार को प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली बैठक की। पहली ही बैठक में मुख्य सचिव जैन ने अपना विजन अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने कहा, शासन के सभी विभागों में संचालित किए जा रहे योजनाओं के क्रियान्वयन की सफलता के लिए मापदण्ड निर्धारित किए जाएं और इन्ही के आधार पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बैठक में बातों ही बातों में इस बात के संकेत दे दिए है कि अब दफ्तर में बैठकर काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों का चिन्हांकन किया जाए। उनसे बातचीत की जाए और योजना के क्रियान्वयन में आने वाले बाधाओं को दूर किया जाए।
अफसरों के पास 20 दिन का समय
मुख्य सचिव ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए माइल स्टोन सुनिश्चित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना तैयार करने के लिए विभागों को 20 दिन का समय दिया है। उन्होंने कहा, भारत सरकार के विभिन्न विभागों को छत्तीसगढ़ राज्य के लिए जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में पत्र लिखे गए हैं। उनके संबंध में केन्द्रीय विभागों से लगातार सम्पर्क बनाकर रखा जाए।
बेहतर योजना बनाने गठित होगा वरिष्ठ अधिकारियों का दल
मुख्य सचिव ने बैठक में यह साफ कर दिया है कि यदि किसी अन्य राज्य में कोई अच्छी योजनाएं संचालित हो रही है, तो उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने अन्य राज्यों के अच्छे कार्यो को जानने समझने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का दल बनाने और छत्तीसगढ़ के परिवेश में उन योजनाओं-कार्यो का क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं।
विभागों को एक-दूसरे पर दोष मढ़ने से बचना होगा
अक्सर यह देखने में आता है कि कई विभागों में संचालित होने वाली योजनाओं में आपसी समन्वय नहीं होता है। इसे ध्यान में रखकर मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को मिले इसके लिए एक जैसे कार्यप्रणाली वाले विभाग आपसी समन्वय करके कार्ययोजना बनाए और उनका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।
अनुबंधों को देना होगा मूर्त रूप
बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य में औद्योगिक उत्पादनों की शुरुआत के लिए विभिन्न विभागों और निवेशकों द्वारा किए गए कुल 84 अनुबंधों की समीक्षा की। उन्होंने कहा, जमीनी स्तर पर इन अनुबंधों के क्रियान्वयन के लिए वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाए और उत्पादन की दिशा में प्रगति लायी जाए।
गोठान मल्टीएक्टीविटी सेंटर के रूप में होंगे विकसित
मुख्य सचिव ने कहा, गोठानों को मल्टीएक्टीविटी सेंटर के रूप में विकसित किए जाए। यहां स्व सहायता समूहों के माध्यम से उन्हीं सामग्रियों का निर्माण कराया जाए जिनके लिए पूर्व से ही बाजार उपलब्ध हो। उन्होंने स्थानीय स्तर पर होने वाले लघु वनोपज-सब्जी-कंदमूल आदि का सही और गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रसंस्करण करने और विपणन के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है।