रायपुर

CG Vidhansabha: नकल रोकने नया विधेयक पेश, पकडे जाने पर 1 करोड़ का जुर्माना, संपत्ति भी होगी जब्त…

CG Vidhansabha: व्यावसायिक परीक्षा में नकल रोकने के लिए नया विधेयक पेश किया गया। इसमें सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने हिस्सा लिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 सर्वसम्मति से पारित किया गया।

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Mar 21, 2026

CG Vidhansabha: @राहुल जैन। विधानसभा के बजट सत्र का शुक्रवार को समापन हो गया। अंतिम दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ओर से लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षा में नकल रोकने के लिए नया विधेयक पेश किया गया। इसमें सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने हिस्सा लिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 सर्वसम्मति से पारित किया गया।

यह कानून सीजीपीएससी और व्यापमं द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं के साथ-साथ विभिन्न निगमों और मंडलों की भर्ती परीक्षाओं पर भी लागू होगा। इसमें नकल कराने वालों की संपत्ति कुर्क करने सहित 1 करोड़ रुपए तक के जुर्माना का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा, कांग्रेस शासन में पीएससी में भ्रष्टाचार कर युवाओं के भविष्य का सौदा किया गया था। नए विधेयक के लागू होने के बाद अब कोई भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं कर पाएगा। मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को उनका उचित अधिकार मिलेगा। यह विधेयक राजपत्र में प्रकाशन के बाद से लागू होगा।

यह आएगा अपराध की श्रेणी

  • प्रश्नपत्र लीक करना या लीक कराने का प्रयास करना।
  • फर्जी अभ्यर्थी बैठाना।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल करना।
  • ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर।
  • कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ कर नंबर बढ़ाना।

नकल करने पर तीन साल का बैन

सीएम ने बताया कि कोई अभ्यर्थी नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करता है, तो उसका परिणाम निरस्त किया जाएगा और उसे एक से तीन वर्ष तक परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकेगा। प्रश्न पत्र लीक करने जैसे मामलों में 3 से 10 वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपए जुर्माना लिया जाएगा। संगठित अपराध के 1 करोड़ रुपए जुर्माना और संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई होगी।

विशेष जांच एजेंसी को सौंप सकेंगे जांच

नए कानून में जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया। संगठित नकल के मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और आवश्यक होने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसी को भी जांच सौंप सकेगी।

पहले परिणाम में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार होते थे

विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार ने युवाओं के सपनों के साथ अन्याय किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में कोयला, शराब और डीएमएफ जैसे घोटालों के साथ-साथ पीएससी में भ्रष्टाचार कर युवाओं के भविष्य का सौदा किया गया। उस समय परीक्षाएं तो होती थीं, लेकिन या तो उनके परिणाम नहीं आते थे या फिर परिणाम गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से प्रभावित होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा, उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त गड़बड़ियों पर करारा प्रहार किया है।

Published on:
21 Mar 2026 04:09 pm
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