CG Rajyotsav 2025: नागरिकों के लिए कानून की नई समझ का सेतु है। नए कानूनों ने पुलिस को आधुनिक औजार दिए हैं, जिससे अपराध रोकना और न्याय सुनिश्चित करना दोनों आसान हुआ है।
CG Rajyotsav 2025: छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस पर नया रायपुर में आयोजित भव्य राजोत्सव में पुलिस विभाग का स्टॉल इस बार सबसे चर्चित रहा। नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर आधारित आधे घंटे का नाटक ‘दंड से न्याय की ओर’ दर्शकों के लिए मुय आकर्षण बन गया।
नाटक में दिखाया गया कि कैसे फिंगरप्रिंट, डीएनए और वॉयस सैंपल जैसे आधुनिक साक्ष्य अब न्याय की प्रक्रिया को मजबूत बना रहे हैं। तालियों की गूंज के बीच 10 सीन में मंचित यह प्रस्तुति जनजागरण का प्रतीक बन गई। नाटक की सबसे बड़ी विशेषता रही कि सभी 30 पात्र वास्तविक पुलिसकर्मी थे। कोई थानेदार, कोई फोरेंसिक अधिकारी तो कोई गवाह।
नाटक की शुरुआत पुलिस कंट्रोल रूम में हत्या की खबर मिलने से होती है। मिनटों में ई-एफआईआर दर्ज होती है और पुलिस दल मौके पर पहुंच जाता है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाते हैं और हर कदम की वीडियोग्राफी की जाती है। यह सब नए कानूनों की पारदर्शिता का प्रतीक है। 14 दिन में जांच पूरी, 90 दिन में चार्जशीट दाखिल और सीसीटीएनएस सिस्टम के जरिए डिजिटल ट्रैकिंग इन सभी बिंदुओं ने दर्शकों को प्रभावित किया।
सरगुजा एसएसपी और नाटक के मार्गदर्शक शशिमोहन सिंह ने कहा कि यह नाटक केवल मंचीय प्रस्तुति नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए कानून की नई समझ का सेतु है। नए कानूनों ने पुलिस को आधुनिक औजार दिए हैं, जिससे अपराध रोकना और न्याय सुनिश्चित करना दोनों आसान हुआ है।
पुलिस मुख्यालय में सीआईडी में पदस्थ ज्योति पांडे ने टीआई किरण का किरदार प्ले किया है। उन्होंने बताया यह एक्ट दर्शाता है कि अब छत्तीसगढ़ पुलिस नए आपराधिक कानूनों के तहत तेजी और पारदर्शिता से काम करेगी। अभिनय के सीखने के सवाल पर कहा कि शशिमोहन सर ने ऑडिशन लिया था, जिसमें मेरा चयन हुआ। उन्होंने ही मेरी अभिनय क्षमता को निखारा। असल जिंदगी में थ्री स्टार लगने के सवाल पर कहा कि समय आएगा तो लग जाएगा।
हाईकोर्ट जज की भूमिका निभाने वाले महेश पटेल पुलिस मुयालय सीआईडी में एएसआई हैं। उन्होंने बताया कि इतने बड़े पद का किरदार निभाना चुनौतीपूर्ण था। जज के हावभाव, व्यवहार और संयम को समझना सबसे मुश्किल था। उन्होंने किरदार के लिए यूट्यूब पर जस्टिस के वीडियो देखे, वकील मित्रों से सलाह ली। वे कहते हैं अगर मैं असली जज का 10त्न भी कर सका, तो ये मेरे लिए समान की बात है।