
रायपुर। राजधानी की मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ी कार से 36 लाख 50 हजार रुपए गायब होने का मामला पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा लिया है। वारदात को अंजाम देने का मास्टरमाइंड पीडि़त का दोस्त ही निकला। कर्ज में डूबे दोस्त ने एक युवक के साथ मिलकर गाड़ी से रुपए पार कर दिए और फिर झूठी कहानी रच दी। हालांकि पुलिस की पूछताछ में आरोपी जल्द टूट गया और पूरी साजिश का राजफाश किया।मंगलवार को पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पिरदा निवासी ज्ञानप्रकाश पांडे ने थाना सिविल लाइन में सोमवार को चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने शिकायत की थी कि पिरदा स्थित भूमि का 36,50,000 रुपए में गंगूराम यादव से सौदा करने आए थे। अपने साथी नितिन सोनी के साथ कार से रजिस्ट्री ऑफिस, कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर उन्होंने गाड़ी मल्टीलेवल पार्किंग महतारी चौक में खड़ी की थी। प्रार्थी ने कार की चाबी मित्र नितिन को देकर वह रजिस्ट्री कार्यालय चले गए। कुछ देर बाद नितिन ने फोन कर बताया कि कार में रखे थैले के रुपए चोरी हो गए हैं।
पूछताछ में नितिन संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर ज्ञानप्रकाश को उस पर संदेह हुआ। पुलिस की पूछताछ में नितिन बार-बार बयान बदलता रहा। कड़ाई से की गई पूछताछ में उसने अपने साथी तनवीर आलम के साथ मिलकर रुपए गायब करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने रावाभांठा ट्रांसपोर्ट नगर निवासी तनवीर आलम को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पूरी रकम भी बरामद कर ली है।
ऐसे बनाई योजना
नितिन ने पुलिस को बताया कि ज्ञानप्रकाश ने उसे बताया था कि एक भूमि का सौदा हुआ है। उसकी रजिस्ट्री कराने रजिस्ट्री कार्यालय जाना है। इसी दौरान नितिन ने घटना को अंजाम देने के लिए अपने मित्र तनवीर के साथ योजना बनाई। उसने ज्ञानप्रकाश को भरोसे में लेकर रजिस्ट्री कार्यालय भेज दिया और साथी तनवीर को बुलाकर गाड़ी में रखे 36 लाख 50 हजार रुपए दे दिए। नितिन ने इस काम के बदले तनवीर को 2 लाख रुपए देने का वादा किया था।
Updated on:
17 Feb 2026 11:38 pm
Published on:
17 Feb 2026 11:38 pm
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