Green Card policy:छत्तीसगढ़ के करीब 3000 परिवार फिलहाल ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश लोग ड्यूल इंटेंट वीजा कैटेगरी में आते हैं।
Green Card policy: अमरीका में ग्रीन कार्ड और वीजा नियमों को लेकर हाल ही में आई नई जानकारी के बाद छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों में चिंता और चर्चा का माहौल है। नॉर्थ अमरीका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (नाचा) के प्रेसिडेंट दीपाली कर ने कहा कि अभी अमरीकी सरकार ने पूरी डिटेल सार्वजनिक नहीं की है इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के करीब 3000 परिवार फिलहाल ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से अधिकांश लोग ड्यूल इंटेंट वीजा कैटेगरी में आते हैं। यानी वे काम या स्टूडेंट वीजा पर अमरीका गए और बाद में लीगल प्रोसेस के तहत ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया।
नाचा के फाउंडर गणेश कर बताते हैं कि शुरुआती संकेतों से ऐसा लग रहा है कि लीगल तरीके से रह रहे लोगों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। सबसे ज्यादा प्रभाव उन लोगों पर पड़ सकता है जो टूरिस्ट वीजा पर अमरीका पहुंचे और बाद में लूपहोल का इस्तेमाल कर वहीं रुककर ग्रीन कार्ड प्रोसेस में शामिल हो गए।
एच-1बी वीजा धारकों के लिए एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहने की संभावना दिख रही है। इसमें आवेदक की प्रायोरिटी डेट के आधार पर ग्रीन कार्ड प्रक्रिया आगे बढ़ती है। हालांकि कुछ मामलों में होम कंट्री लौटकर फाइलिंग करने की बात भी सामने आ रही है। गणेश कर ने कहा कि अभी कई अहम जानकारियां आना बाकी हैं और अलग-अलग आर्टिकल्स में भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। फिलहाल जो संकेत मिल रहे हैं, उसमें वे परिवार ज्यादा सुरक्षित नजर आ रहे हैं जो लीगल तरीके से अमरीका में रह रहे हैं।
नाचा के फाउंडर गणेश कर के मुताबिक शुरुआती संकेतों से यह माना जा रहा है कि अमेरिका में कानूनी तरीके से रह रहे लोगों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि सबसे ज्यादा प्रभाव उन लोगों पर पड़ सकता है जो टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका पहुंचे और बाद में नियमों के loophole का इस्तेमाल कर वहीं रुक गए। ऐसे मामलों में अमेरिकी प्रशासन अब सख्ती बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न वेबसाइट्स पर अलग-अलग तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसलिए आधिकारिक दस्तावेज और अंतिम नीति आने तक किसी भी दावे को पूरी तरह सही मानना उचित नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में छात्र और प्रोफेशनल्स हर साल अमेरिका जाते हैं। आईटी, हेल्थकेयर, रिसर्च और इंजीनियरिंग सेक्टर में काम कर रहे कई लोग वर्षों से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में नियमों में संभावित बदलाव की खबरों ने राज्य के हजारों परिवारों को चिंता में डाल दिया है। अब सभी की नजर अमेरिकी सरकार की आधिकारिक घोषणा और नई गाइडलाइन पर टिकी हुई है।