
रायपुर .निपाह वायरस के खतरे के मद्देनजर राजधानी में कई लोगों ने केरल यात्रा की टिकट रद्द करा ली है, वहीं होटलों से भी बुकिंग वापस ली जा रही है। हर दिन कम से कम 5 से 10 लोग अपनी बुकिंग वापस ले रहे हैं।
ट्रैवल्स संचालकों के मुताबिक इसकी बड़ी वजह यह है कि केरल के कोझिकोड, मल्लपुरम, वायनाड और कन्नूर जिले में यात्रा नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमण के मद्देनजर अब यात्री कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते हैं। केरल में मानसून खत्म होने के बाद पर्यटन स्थलों में यात्रियों की भीड़-भाड़ रहती है। राजधानी में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई महानगरों के जरिए केरल की यात्राएं होती है। रायपुर से केरल के लिए सीधी फ्लाइट नहीं है, बावजूद इसके हर साल बड़ी संख्या में यात्री छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं।
बुकिंग हो रही रद्द
राजधानी में ट्रैवल्स एजेंसी के संचालक कीर्ति व्यास ने बताया कि राजधानी से केरल यात्रा के लिए दो महीने से लेकर छह महीने पहले योजना बना चुके कई यात्रियों ने बुकिंग रद्द करा ली है। केरल में कोझिकोड, मल्लपुरम, वायनाड, कन्नूर, कोल्लम, मल्लपुरम, थ्रिसूर, वरकला आदि पर्यटन स्थलों में यात्रियों का आना-जाना रहता है।
राज्य सरकार ने भी अलर्ट जारी किया
राज्य महामारी नियंत्रक की ओर से भी इस संबंध में आदेश जारी किया गया है, जिसमें किसी भी व्यक्ति पर निपाह वायरस संबंधित लक्षण दिखने पर 21 दिनों तक सर्वेलेंस में रखने को कहा गया है। साथ ही खून, यूरिन, सीएसएफ सैंपल राष्ट्रीय वायरोलॉजी संस्थान, पुणे भेजने के दिशा-निर्देश दिए हैं।
पड़ोसी राज्य भी प्रभावित
निपाह वायरस के खतरे की वजह से ना सिर्फ केरल बल्कि कर्नाटक और तेलंगाना में भी असर हुआ है। राज्य सरकारों ने यहां भी अलर्ट जारी किया है।
क्या है निपाह वायरस
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से जारी एडवाइजरी में इसका प्राकृतिक स्रोत चमगादड़ों की विशेष प्रजाति को बताया गया है, ऐसे में इनके द्वारा खाए गए फलों को किसी व्यक्ति या जानवर द्वारा उपभोग करने पर संक्रमण फैल सकता है। साथ ही संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी इसके संक्रमण का खतरा बताया गया है।
इस तरह दिखाता है असर
- 4-18 दिन तक तेज बुखार और सिरदर्द।
- बुखार के साथ मानसिक बदलाव या झटके।
- इंफेक्शन के शुरुआत में सांस लेने में समस्या, न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी।
- दिमाग में सूजन।
- मांसपेशियों में दर्द।