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शक्कर कारोबार के नाम पर 8 व्यापारियों को लगा 2 करोड़ से ज्यादा का चूना, बाप-बेटे पर FIR दर्ज

sugar supply payment fraud: रायपुर और रायगढ़ में करोड़ों की कारोबारी ठगी का मामला सामने आया है। बाप-बेटे पर 8 व्यापारियों से 2.01 करोड़ रुपये की शक्कर लेकर भुगतान नहीं करने का आरोप।

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Sugar Trade Fraud

शक्कर कारोबार के नाम ठगी (photo source- Patrika)

Sugar Trade Fraud: राजधानी रायपुर और रायगढ़ से जुड़े एक बड़े कारोबारी ठगी मामले ने व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। खुद को बड़े ट्रांसपोर्ट और कोल्ड स्टोरेज कारोबारी बताकर व्यापारियों का भरोसा जीतने वाले बाप-बेटे पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। शिकायत के बाद रायपुर के खमतराई थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार रायगढ़ के कालिंदी कुंज निवासी राजेश कुमार अग्रवाल और उनके बेटे शैलेश अग्रवाल पर आठ व्यापारियों से शक्कर का माल लेकर भुगतान नहीं करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से व्यापारियों को अपने झांसे में लिया और करीब 2 करोड़ 1 लाख 36 हजार 633 रुपये मूल्य की शक्कर हासिल कर ली। भुगतान मांगने पर पहले बहाने बनाए गए और बाद में संपर्क ही खत्म कर दिया गया।

Rajesh Agrawal fraud case: बड़े कारोबारी होने का दावा कर जीता भरोसा

शिकायतकर्ताओं के अनुसार मुख्य आरोपी राजेश कुमार अग्रवाल खुद को प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्ट और कोल्ड स्टोरेज व्यवसाय से जुड़ा हुआ बताता था। वह व्यापारियों को यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास महावीर ट्रांसपोर्ट और चंदगीराम कोल्ड स्टोरेज जैसे बड़े कारोबार संचालित हैं। इसके अलावा वह स्वयं को प्रभावशाली कारोबारी बताते हुए बड़े पैमाने पर व्यापारिक लेन-देन करने का दावा करता था।

बताया गया है कि आरोपी लंबे समय तक रायपुर के रामसागरपारा स्थित एक होटल में ठहरा रहा, जहां उसने कई व्यापारियों से संपर्क स्थापित किया। मुलाकातों और बैठकों के दौरान उसने बड़े ऑर्डर, समय पर भुगतान और लंबे समय तक व्यापारिक संबंध बनाए रखने का भरोसा दिया। उसकी बातचीत और रहन-सहन देखकर कई व्यापारियों को लगा कि वे एक स्थापित और विश्वसनीय कारोबारी से सौदा कर रहे हैं।

बिना अग्रिम भुगतान के मंगवाई गई शक्कर

आरोप है कि राजेश अग्रवाल और उसके बेटे शैलेश ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि माल रायगढ़ पहुंचने के तीन से चार दिनों के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इसी आश्वासन के आधार पर विभिन्न व्यापारियों ने बिना किसी अग्रिम राशि के बड़ी मात्रा में शक्कर सप्लाई कर दी। शुरुआत में आरोपियों ने नियमित संपर्क बनाए रखा, जिससे व्यापारियों को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही शक्कर का माल रायगढ़ पहुंचा, भुगतान की प्रक्रिया टालनी शुरू कर दी गई।

माल पहुंचते ही बदल गए तेवर

पीड़ित व्यापारियों का आरोप है कि माल की डिलीवरी के बाद आरोपियों ने भुगतान के लिए अलग-अलग बहाने बनाना शुरू कर दिया। कभी बैंकिंग समस्या तो कभी कारोबारी व्यस्तता का हवाला दिया गया। कुछ दिनों बाद फोन कॉल उठाने बंद कर दिए गए और बाद में व्यापारियों के नंबर ब्लॉक कर दिए गए। इतना ही नहीं, जिन व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से व्यापारिक बातचीत होती थी, वहां से भी व्यापारियों को हटा दिया गया। लगातार टालमटोल और संपर्क टूटने के बाद व्यापारियों को एहसास हुआ कि वे एक सुनियोजित धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद सभी पीड़ित एकजुट होकर पुलिस के पास पहुंचे और विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।

commercial fraud case: 8 व्यापारियों से 2 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी

पुलिस जांच में सामने आया है कि कुल आठ व्यापारियों से शक्कर की सप्लाई ली गई थी, जिसका भुगतान अब तक नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार अलग-अलग व्यापारियों को निम्नानुसार आर्थिक नुकसान हुआ है—

राजधानी ट्रेडर्स (नितेश जैन) – ₹21,36,792
आरके बंसल एंड कंपनी (रूपक अग्रवाल) – ₹29,05,600
केएच शुगर (धीरज धुप्पड़) – ₹15,75,000
वर्धमान ट्रेडिंग, अंबिकापुर (अंकित कुमार तायल) – ₹46,21,233
तुलश्यन ट्रेडर्स (मदनलाल अग्रवाल) – ₹19,49,410
भगवानदास भोजराज फर्म (अमित छाबड़िया) – ₹22,73,994
बालाजी गुड्स (प्रकाश अग्रवाल) – ₹30,14,904
सिंघल प्रोविजन (राजेश अग्रवाल) – ₹16,34,700

इन सभी मामलों को जोड़ने पर कथित धोखाधड़ी की कुल राशि 2,01,36,633 रुपये से अधिक बताई जा रही है।

गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला

व्यापारियों की शिकायत के आधार पर खमतराई थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4) और 60(A) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का मानना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला एक योजनाबद्ध आर्थिक अपराध का प्रतीत होता है, जिसमें व्यापारिक विश्वास का फायदा उठाकर बड़ी मात्रा में माल हासिल किया गया और बाद में भुगतान से बचने के लिए संपर्क समाप्त कर दिया गया।

Raipur latest news: बैंक खातों और कारोबारी नेटवर्क की जांच

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, लेन-देन, व्यापारिक दस्तावेजों और संपर्कों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसी तरह की धोखाधड़ी अन्य व्यापारियों के साथ तो नहीं की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी रायगढ़ या आसपास के क्षेत्रों में छिपे हो सकते हैं और उनकी तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है।

इस पूरे मामले ने व्यापारिक समुदाय में चिंता बढ़ा दी है। कारोबारी संगठनों का कहना है कि बड़े ऑर्डर और आकर्षक वादों के नाम पर होने वाली ऐसी ठगी से बचने के लिए व्यापारियों को भुगतान और दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना माल सप्लाई नहीं करना चाहिए। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।