अब शिक्षाकर्मी पढ़ाने के साथ ही पटाखे भी बेचेंगे। इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है।
रायपुर. जी हां, आपको सुनने में यह अजीब लग रहा हो, लेकिन सौ प्रतिशत सच है। इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है। अब शिक्षाकर्मी पढ़ाने के साथ ही पटाखे भी बेचेंगे। दरअसल, अभनपुर ब्लॉक के गांव उरला में पटाखा दुकान का लाइसेंस शिक्षाकर्मियों को जारी करने का मामला सामने आया है। शिक्षाकर्मियों द्वारा प्रशासन में प्रस्तुत किए गए अस्थाई लाइसेंस के आवेदन में अपने पद नाम का जिक्र तक नहंीं किया है। यह सिलसिला चार वर्षों से जारी है। अभनपुर के उरला गांव निवासी पुष्पेंद्र गिलहरे व दीपक गिलहरे 6 साल से शिक्षाकर्मी के पद पर कार्यरत हैं। इनके द्वारा अभनपुर में ही कई वर्षों से पटाखा की दुकान लगाई जाती है। मामले में अभनपुर एसडीएम और रायपुर कलक्टर से स्थानीय लोगों ने शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लाइसेंस जारी कर दिया गया।
नियम के खिलाफ
बता दें कि शासकीय सेवाओं में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को व्यापार संबंधी लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता। यदि धोखे से यदि कोई लाइसेंस ले भी लेता है तो उस पर सेवा शर्तों के मुताबिक धोखधड़ी का मामला दर्ज करवाया जा सकता है।
कार्रवाई की जाएगी
शिकायत मिली है, अभनपुर एसडीएम को जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ओपी चौधरी, कलक्टर रायपुर
राजधानी के 20 स्थानों में कम्यूनिटी ट्यूशन सेंटर शुरू
रायपुर जिले में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश लिए गरीब व कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों की पढ़ाई, सेलेबस और वातावरण के अनुरूप तैयार करने के लिए समुदाय के सहयोग से कम्यूनिटी ट्यूशन प्रदान किया जा रहा है। कलक्टर ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में शहर के 20 स्थानों में पर कम्यूनिटी ट्यूशन सेंटर प्रारंभ हो गए हैं। समुदाय के सहयोग से संचालित इन कम्यूनिटी ट्यूशन में कक्षा पहली से पांचवी तक के बच्चों को शासकीय शिक्षकों के साथ ही समुदाय के लोगों के द्वारा ट्यूशन प्रदान किया जा रहा है। जहां इन बच्चों को अंग्रेजी, गणित, सहित उनके सेलेबस के अनुरूप नि:शुल्क ट्यूशन प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक सेंटर में 25 से 30 बच्चे उपस्थित हो रहे हंै। ट्यूशन को लेकर बच्चों भी काफी उत्साहित हंै और नियमित रूप से इन सेंटरों में आ रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने बताया कि शहर में ऐसे 50 कम्यूनिटी सेंटर प्रारंभ किए जा रहे है। इसमें 20 सेंटर प्रारंभ हो गए हंै। बीरगांव, शांतिनगर, उरला, चैबे कॉलोनी, डब्ल्यु आर एस कॉलोनी, पांचजन्य विद्यामंदिर तिरंगा चैक, कुशालपुर सहित 20 स्थानों में यह सेंटर संचालित हो रहे हंै। गुढिय़ारी में इसके लिए पांच सेंटर बनाए गए हंै, जिसमें मॉ. भारती विद्यालय मच्छी तालाब, विनिमय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोंदपारा रोड, डॉ. राधाकृष्णन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विकास नगर और प्रगति विद्यालय प्रगति नगर में कम्यूनिटी सेंटर प्रारंभ हो गया है। वहीं कॉवेंट स्कूल जनता कॉलोनी गुढिय़ारी में 24 अक्टूबर से सेंटर प्रारंभ हो जाएगा।