यदि आप छत्तीसगढ़ के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए सोच रहे हैं तो आपके लिए यह बुरी खबर है।
रायपुर. यदि आप छत्तीसगढ़ के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए सोच रहे हैं तो आपके लिए यह बुरी खबर है। जी हां, प्रदेश के शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के बावजूद 21 अभ्यर्थियों को दाखिला नहीं मिल सकेगा। व्यापमं ने इन अभ्यर्थियों के प्रवेश पर रोक लगाते हुए कहा गया कि ये सभी अभ्यर्थी अन्य राज्यों से हैं, इनका प्रवेश निजी नर्सिंग कॉलेजों में अनारक्षित श्रेणी में ही हो सकता है। संचालनालय चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार अब तक प्रदेश के अभ्यर्थियों के लिए ही छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने रैंक निर्धारित किया है।
डीएमई ने व्यापमं से स्थिति स्पष्ट करने के बाद शुक्रवार को प्रथम मेरिट लिस्ट का प्रकाशन करने की बात कही है। साथ ही बाहरी राज्यों के 21 अभ्यर्थियों के अनारक्षित श्रेणी में निजी कॉलेजों में ही प्रवेश होने की पुष्टि की है। प्रदेश के नर्सिग पाठ्यक्रमों के लिए अब तक 7 हजार 690 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें एमएससी नर्सिंग के लिए 471, पीबीबीएससी नर्सिंग के लिए 435, बीएससी नर्सिंग के लिए 4385 और जीएनएम के लिए 2399 अभ्यर्थी शामिल हैं।
आवेदन मंगाए जाएंगे
शुक्रवार को सभी पंजीकृत अभ्यर्थियों के प्रथम मेरिट सूची का वेबसाइट पर प्रकाशन किया जाएगा। प्रथम चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात रिक्त सीटों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और सीटों को भरा जाएगा।
डॉ.़ जितेन्द्र तिवारी, काउंसिलिंग प्रभारी, डीएमई
इधर, वर्ष के आखिर तक चलेगा साक्षरता अभियान
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण ने साक्षर भारत कार्यक्रम की समय सीमा ३१ दिसम्बर तक के लिए बढ़ा दी है। यहां कार्यक्रम देशभर में सितम्बर से बंद हो गया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के हस्ताक्षेप के बाद इस कार्यक्रम को साल के आखिर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे करीब १५ हजार प्रेरकों को लाभ मिलेगा। इस बीच केंद्र सरकार नया साक्षरता कार्यक्रम जारी कर सकता है। प्राधिकरण के संचालक मयंक वरवड़े ने इस संबंध में सभी कलक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है।