छत्तीसगढ़ के सिरपुर क्षेत्र में एक हाथी शिकारियों द्वारा बिछाए करंट तार की चपेट में आने से मारा गया।
दिनेश यदु@रायपुर. छत्तीसगढ़ के सिरपुर क्षेत्र में एक हाथी शिकारियों द्वारा बिछाए करंट तार की चपेट में आने से मारा गया। यह क्षेत्र महासमुंद वन विभाग के अंतर्गत आता है। वन विभाग के अफसर भी घटना स्थल पर पहुंच चुके है।
ग्रामीणों के अनुसार हाथी प्रभावित सिरपुर क्षेत्र के पास ग्राम केसलडीह में बीती रात एक जंगली हाथी मृत मिला।हाथी का शव वन विकास निगम क्षेत्र के कक्ष क्र 146 में पाया गया। इसके अलावा वहां पास ही एक ट्रांसफॉर्मर से 11000 KV की करंट प्रवाहित तार भी दिखाई दे रही थी।जिससे यह माना गया कि हाथी की मौत करंट लगने से हुई है।गांव वालों ने बताया कि ये करंट युक्त फंदा छोटे जानवरो जैसे जंगली पिग और चीतल को फंसाने के लिए लगाया गया था ।
फ़िलहाल इस घटना की सूचना के बाद महासमुंद के रेंजर विश्वनाथ मुखर्जी दल बल के साथ वहां पहुंच चुके है।इसके अलावा वन विकास निगम के एस डी ओ श्री नायक भी घटना स्थल पर मौजूद है।घटना की पुष्टि महासमुंद वन विभाग द्वारा कर दी गयी है।अब हाथी के पोस्टमॉर्टम के बाद उसे घटना स्थल पर ही दफनाया जाएगा।घटना की जांच वन विकास निगम द्वारा की जाने की संभावना है।
बता दे कि वन विकास निगम द्वारा जंगलो का दौरा नही किये जाने के कारण निगम क्षेत्र में लगातार शिकार की घटनाएं होती रहती है।पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में बिजली करंट से हाथियों की मौत को लेकर रायपुर के नितिन सिंघवी ने इस साल मई महीने में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 2005 से मार्च 2017 तक 103 हाथियों की मौतें हुई जिसमें से 34 मौतें बिजली करंट से हुई है। इन 34 मौतों में कुछ मौतें हाथियों के क्षेत्र में विद्युत लाइन अत्यंत नीचे होने के कारण और कुछ मौतें ग्रामीणों द्वारा तारों में विद्युत प्रवाह करने के कारण हुई है।