
Chhattisgarh News:रायपुर। आज के पैरेंट्स बच्चों के लिए शॉर्ट कट देखते हैं। सालभर ट्रेनिंग कराकर स्टेज परफॉर्म की चाह रखते हैं। जबकि संगीत एक साधना है।
पैरेंट्स को यह समझने की जरूरत है। हमारी जिम्मेदारी है कि बच्चों को अपनी संस्कृति, संस्कार और परंपरा की जानकारी दें। यह कहा, कुचिपुड़ी गुरु पद्मश्री जयराम राव ने। मंगलवार को उन्हें नृत्य श्रीधारा अवॉर्ड फेस्टिवल में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया।
कार्यक्रम में बतौर अतिथि राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त पद्मा मनहर, टूरिज्म डिपार्टमेंट के चीफ गेस्ट अनिल साहू, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य शामिल हुए।
गुरु जयरामा राव ने प्रह्लाद नाटकम की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद अनुराधा दुबे ने कथक की बेहतरीन प्रस्तुति दी।
आज के कार्यक्रम
शाम सात बजे पद्म विभूषण और ग्रैमी अवार्डी पंडित विश्व मोहन भट्ट मोहन वीणा की प्रस्तुति देंगे। उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। इसके बाद ग्रुप ओडिसी डांस, प्रफुल्ल सिंह गहलोत की कथक प्रस्तुति होगी। समापन उमेश निर्मलकर के पंथी नृत्य से होगा।