रायपुर

Paryushan Parv : जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए 84 लाख जीवों से दादाबाड़ी में मांगी सामूहिक क्षमा

Paryushan Parv : एमजी रोड जैन दादाबाड़ी में बुधवार को संवत्सरी पर्व मनाया गया।
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Updated: 21 Sep 2023, 12:04 PM IST
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रायपुर.Paryushan Parv : एमजी रोड जैन दादाबाड़ी में बुधवार को संवत्सरी पर्व मनाया गया। यहां समाज के लोगों ने प्रतिक्रमण कर जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए सामूहिक रूप से 84 लाख जीवों से क्षमा याचना की। इस पावन मौके पर साध्वी शुभंकरा ने कहा कि यह आत्मशुद्धि करने का पर्व है। पाप नहीं करने ओर गलतियों को न दोहराने के संकल्प का दिन है। मन की शुद्धि और राग-द्वेष से मुक्ति पाने का पर्व है।

बड़ों के झुकने का पर्व

साध्वी ने कहा कि यह बड़ों के झुकने का पर्व है। 364 दिन भले ही बड़े छोटों से प्रणाम करवाएं, परंतु संवत्सरी का 1 दिन मानव जाति को संदेश देता है कि सास-बहू को, पिता-बेटे को अधिकारी-कर्मचारी को और बड़े छोटों को प्रणाम कर अनुचित व्यवहार की क्षमायाचना कर ले।

प्रतिक्रमण कर सभी जीवों से मांगी क्षमायाचना

जैन समाज के विभिन्न धर्मस्थानों में सायंकालीन प्रतिक्रमण कर पर्यूषण पर्व की हजारों श्रावक-श्राविकाओं ने आराधना की और 84 लाख जीवों से क्षमायाचना मांगी। सामाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश बरलोटा ने बताया कि अंतिम दिवस संवत्सरी का प्रतिक्रमण कर समस्त प्राणीमात्र से ’खामेनि सव्वे जीव, सव्वे जीव खमन्तु में’ एवं ’वंदन श्री गुरुराज को खामाऊं सारा जीव’ को गाते हुए समस्त प्राणी मात्र से क्षमायाचना की।

लालगंगा पटवा भवन में पर्यूषण महापर्व के आखरी दिन उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने कहा कि संवत्सरी की आलोचना, प्रतिक्रमण, श्रुतदेव आराधना करने के बाद क्षमापना के क्षीरसागर में स्नान करने के लिए आप तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हम क्षमाप्रार्थी हैं अपने तीर्थंकर परमात्मा के।

इसे महसूस करते हुए स्वयं को परमात्मा के चरणों में प्रस्तुत करते हुए उनसे क्षमा के वरदानों को ग्रहण करें जो उन्होंने बरसाए हैं। उन्होंने बताया कि पर्यूषण पर्व आराधना के लिए चेन्नई, पुणे, इंदौर, अहमदनगर से पहुंचे हैं। कई लोग 9 दिनों से रायपुर में हैं, कई लोग 2 दिन पहले पहुंचे हैं। उक्ताशय की जानकारी रायपुर श्रमण संघ के अध्यक्ष ललित पटवा ने दी है।

रायपुर श्रमण संघ के अध्यक्ष ललित पटवा ने कहा कि उपाध्याय प्रवर ने जो क्षमापना की महिमा बताई और हमसे जो क्षमायाचना कराई वो नजारा अद्भुत था। हम अंदर ही अंदर आंख बंद कर इसमें जुड़ गए और उपाध्याय प्रवर जो कहते गए श्रद्धापूर्वक उसे अर्जित करते गए और अंदर में उसे पिरोते गए।

उन्होंने प्रवीण ऋषि के चरणों में नमन करते हुए, जो भी गलती चातुर्मास के दौरान रायपुर श्रमण संघ द्वारा, स्वयं द्वारा हुई, उसके लिए ललित पटवा और पूरे संघ ने गुरुदेव के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए क्षमायाचना मांगी और अपनी भूलों को सुधारने के लिए और उनके प्रति अपनी सच्ची भावना और श्रद्धा अर्पित करने के लिए उन्हें प्रमाण करते हुए क्षमायाचना की। रायपुर श्रमण संघ के सभी सदस्यों से भी ललित पटवा ने क्षमापना मांगी।

Updated on:
21 Sep 2023, 12:04 PM IST
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