
Raipur News: @अजय रघुवंशी। एलपीजी संकट के बीच अब राजधानी में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) परियोजना ने तेजी पकड़ ली है। पीएनजी सिस्टम में यदि गैस खत्म हुई तो 2 मिनट के भीतर दोबारा सप्लाई शुरू हो जाएगी, क्योंकि यह पूरी तकनीक मोबाइल और स्मार्ट प्री-पेड मीटर से लैस होगी। पत्रिका ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि भनपुरी के डीएम टॉवर के बाद अब शहर की छह बड़ी रिहायशी सोसायटियों में गैस पाइपलाइन पहुंच चुकी है, साथ ही बहुत जल्दी टेस्टिंग भी की जाएगी। यह परियोजना केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड की गाइडलाइन और हाल ही में लागू छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति 2026 के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
राजधानी के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी अलग-अलग कंपनियों को गैस वितरण नेटवर्क विकसित करने का काम सौंपा गया है। राजधानी में हरियाणा सिटी गैस कंपनी पाइपलाइन बिछाने का काम कर रही है। पत्रिका टीम ने कबीर नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड के कबीर हाइट्स मल्टीस्टोरी में किए जा रहे कार्योंं का जायजा लिया।
कंपनी अधिकारियों ने बताया कि गैस पाइपलाइन बिछाने से पहले ग्राउंड पैनेट्रेटिंग रडार सिस्टम (जीपीआर) के जरिए जमीन के भीतर पहले से मौजूद पाइपलाइन, केबल और अन्य संरचनाओं की जांच की जा रही है। इसके बाद होरिजेंटल डायमेंशनल ड्रिलिंग मशीन (एचडीडी) के जरिए 32 एमएम की एमडीपी पाइप बिछाई जा रही है। मुख्य लाइन से घरों तक गैस पहुंचाने के लिए गैल्वेनाइज्ड आयरन पाइप (जीआई) का उपयोग किया जा रहा है, जिसे सीधे रसोई तक जोडऩे के बाद बीच में स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर ऐसा कि गैस खत्म होने के बाद रिचार्ज करने पर 2 मिनट के भीतर सप्लाई दोबारा शुरू हो जाएगी। स्मार्ट मीटर में मोबाइल सिम लगा होगा, जिसमें रिचार्ज की सुविधा मिलेगी।
नगर-निगम ने साफ कर दिया है कि अवैध कॉलोनियों में यह कनेक्शन नहीं मिलेगा। कनेक्शन के पहले कंपनी की टीम केवायसी की जांच करते हुए प्रॉपर्टी के दस्तावेजों को खंगालेगी। सोसायटी में समिति की अनुमति के बाद यह प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। कंपनी के मुताबिक फाफाडीह, देवेंद्र नगर और शंकर नगर क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर काम शुरू हो जाएगा।
एलपीजी की तुलना में 20 प्रतिशत राशि बचत का दावा कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सुमन कुमार माजी ने बताया कि पाइप्ड नेचुरल गैस, एलपीजी सिलेंडर की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत तक सस्ती पड़ेगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी और वजन जैसी परेशानियों से भी राहत मिलेगी। हर घर में प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे, जिससे उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से गैस उपयोग कर सकेंगे।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड से प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कंपनी ने प्रदेश में काम शुरू कर दिया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति 2026 भी लागू कर दी है। इससे शहरी क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार में मदद मिलेगी।
डॉ. फरिहा सिद्दीकी, संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, छत्तीसगढ़ शासन