
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब डिबेट के मंच से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंचता नजर आ रहा है। रायपुर प्रेस क्लब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच करीब 1 घंटे 20 मिनट तक चली बहस में दोनों नेताओं ने अपने-अपने आंकड़े रखे। दोनों तरफ से दावे और जवाबी दावे हुए, लेकिन डिबेट खत्म होने के बाद भी मुद्दा थमता नजर नहीं आया। अब PM आवास योजना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया पर भी बयानबाजी और दावों की जंग तेज होने के आसार हैं।
PM आवास योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी। इसके बाद रायपुर प्रेस क्लब में ओपन डिबेट आयोजित की गई। दोनों नेताओं ने योजना के तहत स्वीकृत और पूर्ण हुए मकानों के आंकड़े सामने रखते हुए अपनी-अपनी सरकार के कामकाज को सही ठहराया। डिबेट के दौरान माहौल कई बार गर्म नजर आया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए और आंकड़ों को लेकर अपनी बात रखी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में केंद्र से राशि जारी नहीं हुई और बाद में PM आवास का पोर्टल भी बंद कर दिया गया था। भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र से अपना पैसा मांगा था और इस संबंध में पत्राचार भी किया गया था। उन्होंने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में करीब 18 लाख आवास बाकी थे, जिनमें से 6 लाख 97 हजार आवास उनकी सरकार ने स्वीकृत किए थे।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि PM आवास का पोर्टल बंद नहीं था और कोरोना के दौरान भी राशि जारी हो रही थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में PM आवास स्वीकृत और पूर्ण हुए हैं। विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार 17 लाख 75 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे ज्यादा PM आवास बनाए।
डिबेट के दौरान विजय शर्मा का ‘Grok से पूछिए’ वाला बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने PM आवास से जुड़े आंकड़ों को लेकर सही जानकारी सामने रखने की बात कही और भूपेश बघेल के दावों पर सवाल उठाए। वहीं, भूपेश बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि कौन सच बोल रहा है, यह पत्रकार खुद खोज लेंगे। इस बयान के बाद डिबेट का मुद्दा सिर्फ प्रेस क्लब तक सीमित नहीं रहा और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज होने लगी।
प्रेस क्लब में नेताओं के बीच आमने-सामने हुई बहस के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के समर्थक सोशल मीडिया पर अपने-अपने दावों को लेकर सक्रिय हो सकते हैं। PM आवास के आंकड़े, केंद्र से राशि, आवास की स्वीकृति और निर्माण जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गए हैं। एक तरफ भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत और पूर्ण कराने का दावा कर रही है। वहीं कांग्रेस अपने शासनकाल में स्वीकृत आवासों और केंद्र से राशि नहीं मिलने के मुद्दे को सामने रख रही है।
डिबेट खत्म होने के बाद रायपुर प्रेस क्लब के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। कांग्रेस नेता शैलेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को प्रेस क्लब के अंदर जाने दिया गया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोका गया। इसके बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला।
PM आवास को लेकर भूपेश बघेल और विजय शर्मा की बहस भले ही प्रेस क्लब में खत्म हो गई हो, लेकिन राजनीतिक लड़ाई अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही। नेताओं के बयानों और आंकड़ों को लेकर अब सोशल मीडिया पर नई जंग शुरू होने की स्थिति बन गई है। यानी एक तरफ मंच पर आमने-सामने हुए दो बड़े नेता, दूसरी तरफ उनके दावों को लेकर भाजपा-कांग्रेस के समर्थकों के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मुकाबला। आने वाले दिनों में PM आवास योजना के आंकड़ों को लेकर यह सियासी बहस और तेज हो सकती है।