
PM आवास पर विजय शर्मा VS भूपेश बघेल ( Photo - X@bhupeshbaghel )
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की राजनीति में पहली बार सत्ता और विपक्ष के प्रमुख नेता एक ही मंच पर खुली बहस हुई। सियासी बयानबाजी में खुली चुनौती के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने बैठकर पीएम आवास योजना पर खुली बहस की। दोनों नेताओं ने मुद्दे पर बेबाक अंदाज में सवाल जवाब दिए। खुली बहस में माहौल उस वक्त गरमा गया जब पूर्व सीएम ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के अनुसार 46 लाख आवास कहां बनाए गए। इस पर गृहमंत्री ने अपना गणित सुधारने की नसीहत दे डाली।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 7 लाख मकान स्वीकृत किए गए। इसके जवाब में विजय शर्मा ने ग्रोक से सही जानकारी लेने की बात कही। भूपेश बघेल ने कहा कि 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 घर स्वीकृत हुए। 1 लाख 39 हजार मकान पूर्ण हुए। 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 का लक्ष्य था। 1 लाख 22 हजार आवास पूरे हुए। कोरोना काल में किसी सरकार के पास पैसा नहीं था। 2022-23 में पोर्टल बंद कर दिया गया। हमने भारत सरकार से अपना पैसा मांगा, चिट्ठी लिखी गई। पत्राचार किया गया। 2011 की जनगणना के अनुसार 18 लाख आवास बचे थे। 6 लाख 97 हजार हमने स्वीकृत किए। ये आंकड़े पेश करने के दौरान विजय शर्मा ने मंच पर कहा कि एक बार गणना पूरी करिए। गणित सही होनी चाहिए।
ओपन डिबेट में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा- ये अच्छी परंपरा है, आमने-सामने होकर स्थिति और स्पष्ट हो। 17 लाख 75 हजार पूर्ण किए हैं, भारत सरकार की वेबसाइट में पूरे आंकड़े हैं। 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सर्वाधिक पीएम आवास बनाए। पिछली सरकार में वित्तीय वर्ष की स्वीकृति में आवास पूर्ण नहीं हुए थे। 5 वर्ष में वित्तीय स्वीकृति 3,900 करोड़ की थी, 3 लाख आवास कांग्रेस सरकार ने पूर्ण किए, जबकि 16 हजार करोड़ भाजपा सरकार ने ढाई वर्ष में खर्च किए।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की जानकारी से नाखुश पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि आप जो आंकड़े बता रहे है, उनके अनुसार तो 46 लाख आवास बता रहे हैं। उपर से आपने योजना से जुटी साइट को भी बंद कर दिया था। इसका जवाब दें। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आंकड़ों पर चर्चा के लिए आया हूं, आप गलतफहमियां मत फैलाए, आप मुझे बताए कहीं कुछ बात होगी तो मिलकर ठीक करेंगे। छत्तीसगढ़ की भलाई के लिए काम करेंगे। रही बात पोर्टल के बंद होने की तो ये गलत है। कोरोना काल में भी पैसा आ रहा था। विषय पोर्टल का नहीं था, बल्कि भूपेश बघेल ने कहा था कि प्रधानमंत्री आवास है तो प्रधानमंत्री ही जाने। पूरी राशि हम अपनी तरफ से देंगे।
भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र ने हमें राशि ही जारी नहीं की। पोर्टल बंद था। सही क्या था, पत्रकार खुद ही खोज लेंगे कि कौन सच बोल रहा है। 25 सितंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक 18 लाख मकान स्वीकृत किए गए।
विजय शर्मा- आपके मंत्री टीएस सिंहदेव ने लिखा कि राशि नहीं मिल पाने की वजह से पीएम आवास नहीं बन पाए, इसलिए इस्तीफा दे रहा हूं। आपने कहा था कि प्रधानमंत्री का नाम है तो प्रधानमंत्री ही जाने। पोर्टल बंद था, ये कहना गलत था। ग्रोक से पूछिए, सच बताएगा।
Updated on:
15 Sept 2026 03:30 pm
Published on:
15 Sept 2026 03:30 pm
