राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने सभी सीएमएचओ व सिविल सर्जन को बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। जिला अस्पतालों से लेकर सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टर कमीशन के लालच में मरीजों के लिए बाहर का दवा लिखते हैं। इस पर किसी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई अब तक […]
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने सभी सीएमएचओ व सिविल सर्जन को बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। जिला अस्पतालों से लेकर सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टर कमीशन के लालच में मरीजों के लिए बाहर का दवा लिखते हैं। इस पर किसी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पतालों में भी यही हाल है। यहां तो जेनेरिक दवा ओपीडी पर्ची में लिखी जाती है, लेकिन बाहर की महंगी दवा वे एक छोटी सी पर्ची में लिखकर देते हैं।
मरीज इसकी कहीं शिकायत भी नहीं कर सकता। उन्हें लगता है कि डॉक्टर ने लिखा है तो जरूरी दवा ही होगी, जो सेहत ठीक करने के लिए है। कई बार गरीब मरीजों को महंगी दवा खरीदने में परेशानी होती है। जेनेरिक में भी ये दवा नहीं मिल पाती। इसलिए मरीजों को ब्रांडेड दवा खरीदने की मजबूरी बन जाती है। जायसवाल ने आदिवासी क्षेत्रों में चल रही मोबाइल यूनिट की नियमित मॉनीटरिंग करने के आदेश सभी सीएमएचओ को दिए गए हैं। शुक्रवार को नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में सीएमएचओ व सिविल सर्जन की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि मोबाइल यूनिट को मजबूत बनाना है, जिससे आदिवासियों को पूरा लाभ मिल सके। जायसवाल ने मोबाइल यूनिटों की नियमित समीक्षा करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा। जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए उन्होंने प्रत्येक माह समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए।
आपातकालीन सेवाओं 102 महतारी एक्सप्रेस, 108 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 1099 शव वाहन से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने प्रदेश के 5,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील करने, पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा अधोसंरचना सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता तथा जांचों की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने को कहा। जल्द ही नए जांच उपकरणों की खरीदी कर सभी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
जायसवाल ने प्रत्येक ब्लॉक में डायलिसिस यूनिट स्थापित करने पर बल दिया। जरूरी स्टाफ की भर्ती के लिए हर माह विज्ञापन जारी करने को कहा। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम एक महत्वाकांक्षी योजना है। सभी पीएचसी तक जन औषधि केंद्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।