PM Matru Vandana Yojana: गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान पोषण व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने और आर्थिक मदद के लिए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना लागू की है। अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपए जारी हो चुके हैं..
Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana: केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की है। साय सरकार की महतारी वंदन योजना के अलावा केंद्र की प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत महिलाओं की आर्थिक सहायता के साथ-साथ सही पोषण और स्वास्थ्य की चिंता खत्म हो रही है। ( Chhattisgarh govt Scheme ) दरअसल प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के पात्र हितग्राही को सरकार एकमुश्त 6 हजार रुपए सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित कर रही है। जिसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है ताकि वे गर्भावस्था के दौरान अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य का उचित ध्यान रख सकें। यह योजना क्या है, इसके लिए आवेदन कैसे किया जाएगा, आइए जानते हैं।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत सरकार श्रमिक पति की गर्भवती पत्नी या खुद गर्भवती निर्माण कारीगर और उसके शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए आर्थिक मदद की जाती। योजना के माध्यम उन्हें सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जाता है। वहीं इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने लिया है। वहीं केंद्र की योजना के तेजी से क्रियान्वयन और शिकायतों का त्वरित निदान कर छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है। ( Chhattisgarh govt scheme ) वहीं तीन वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल 5,98,947 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिनमें से 5,40,624 को स्वीकृति दे दी गई।
गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान और उससे पूर्व पौष्टिक आहार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार इस योजना के तहत 5 हजार रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपये देती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये, 6 माह बाद 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म, पंजीकरण और टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसका मकसद संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
आर्थिक सहायता समय पर मिला संबल
योजना के प्रावधानों के अनुरूप निशा पटेल को दो किश्तों में कुल 5 हजार रूपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। प्रथम किश्त के रूप में 3 हजार रूपए गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण और शर्तों की पूर्ति पर इस राशि का उपयोग उन्होंने पौष्टिक फल, दूध और दवाओं के लिए किया। द्वितीय किश्त 2 हजार रूपए शिशु के जन्म और प्रथम चक्र के टीकाकरण के बाद सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित किया गया।
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