रायपुर

Chhattisgarh: चार नगर निगम समेत 15 निकायों में चुनाव को लेकर BJP-कांग्रेस की तैयारियां तेज, दावेदारों पर पैनी नजर

Chhattisgarh Nagar Nigam Chunav: 15 नगरीय निकायों में होने वाले चुनाव को लेकर प्रभारियों और सहप्रभारियों से लगातार ग्राउंड रिपोर्ट ली जा रही है। वहीं चुनाव को देखते हुए दोवदारों की सक्रियता बढ़ गई है..
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Sep 08, 2026
congress vs bjp
कांग्रेस-भाजपा (फाइल फोटो: पत्रिका)

Nagar Nigam Chunav: नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि अभी चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन चुनावी मैदान में उतरने से पहले संगठन स्तर पर स्थानीय हालात का आकलन किया जा रहा है। चार नगर निगमों सहित प्रदेश के 15 नगरीय निकायों में होने वाले चुनाव को लेकर प्रभारियों और सहप्रभारियों से लगातार ग्राउंड रिपोर्ट ली जा रही है। संगठन यह जानने में जुटा है कि संबंधित निकाय में पार्टी की जमीनी स्थिति क्या है, स्थानीय स्तर पर कौन-कौन से मुद्दे प्रभावी हैं और संभावित प्रत्याशियों को लेकर कार्यकर्ताओं व आम मतदाताओं का रुझान किस ओर है।

Chhattisgarh Nagar Nigam Chunav: दावेदारों की सक्रियता पर नजर

चुनाव की तारीखों और टिकट वितरण की प्रक्रिया से पहले ही संभावित दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ऐसे में पार्टी संगठन प्रभारियों के माध्यम से प्रत्येक निकाय में प्रत्याशी के दावेदारों, उनकी सक्रियता, जनाधार और संगठन में पकड़ की जानकारी जुटा रहा है। केवल व्यक्तिगत लोकप्रियता ही नहीं, बल्कि बूथस्तर पर पकड़ और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय को भी टिकट के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सियासी समीकरण का भी आकलन

ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय राजनीतिक समीकरण को भी प्रमुखता दी जा रही है। किस वार्ड में पार्टी मजबूत है, कहां मुकाबला कड़ा हो सकता है और किन क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दे चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं, इसका फीडबैक लिया जा रहा है। इसके अलावा पिछले चुनाव के परिणाम, वर्तमान पार्षदों की स्थिति और क्षेत्र में पार्टी के प्रभाव का भी आकलन किया जा रहा है।

गुटबाजी खत्म करना संगठन की प्राथमिकता

निकाय चुनाव से पहले संगठन की एक बड़ी चुनौती स्थानीय स्तर पर चल रही गुटबाजी को खत्म करना भी है। टिकट को लेकर संभावित खींचतान और दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा को देखते हुए पार्टी नेतृत्व पहले से ही कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय बनाने पर जोर दे रहा है। प्रभारियों को यह जिम्मेदारी भी दी जा रही है कि वे स्थानीय स्तर पर मतभेदों को चिन्हित कर संगठन के भीतर संवाद के जरिए उन्हें दूर करने का प्रयास करें।

टिकट से पहले तैयार होगा फीडबैक का आधार

सूत्रों के मुताबिक, प्रभारियों और सहप्रभारियों से मिलने वाली रिपोर्ट आगे टिकट चयन में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। संगठन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि प्रत्याशी चयन केवल दावेदारी या व्यक्तिगत सिफारिश के आधार पर न हो, बल्कि जमीनी स्थिति, जीत की संभावना और संगठन के प्रति सक्रियता को भी ध्यान में रखा जाए।

Updated on:
08 Sept 2026 12:03 pm
Published on:
08 Sept 2026 12:03 pm