
रायपुर .पंजीयन कार्यालय में इ-स्टॉम्पिंग और ऑनलाइन रजिस्ट्री सिर्फ जुमला नजर आ रहा है, क्योंकि आए दिन यहां सर्वर डाउन रहने की समस्या से रोजाना सैंकड़ों लोग परेशान हो रहे हैं। हर दिन दो घंटे के अंतराल में सर्वर डाउन रहने की समस्या आ रही है। दो दिन पहले भी सर्वर डाउन रहने की वजह से रजिस्ट्रियां बंद करनी पड़ी थी।
रजिस्ट्री दफ्तर को डिजिटल करने के लिए यहां बॉयोमेट्रिक मशीनें लगाई गई और ऑनलाइन स्टॉम्प बिक्री शुरू की गई। लेकिन सर्वर को ठीक नहीं किया जा सका है। वर्तमान में बीएसएनएल ने यहां इंटरनेट की सुविधा प्रदान की है, जिसकी स्पीड काफी कम है। विभाग के अधिकारियों ने सर्वर डाउन रहने की वजह से निजी टेलीकॉम कंपनी की इंटरनेट लाइन के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है। सर्वर डाउन रहने की स्थिति में दूसरी कंपनी के सर्वर में सिस्टम कनेक्ट किया जाता है, लेकिन फिर भी समस्याएं देखने को मिल रही है।
रजिस्ट्री दफ्तर में इन दिनों छोटे प्लॉटों की रजिस्ट्री इसलिए बंद कर दी गई है, क्योंकि छोटी जमीनों का बटांकन नहीं किया जा सका है और इसके बिना जमीनों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बटांकन का नियम में कोई फेरबदल नहीं होगा। हमने आरडीए और हाउसिंग बोर्ड को भी दस्तावेज सुधारने का अल्टीमेटम दिया है।
बटांकन न होने की वजह से छोटी जमीन की रजिस्ट्री बंद हो गई है। इसके विरोध में कांग्रेसियों ने दिनभर प्रदर्शन किया। अधिकारियों की समझाइश पर भी प्रदर्शनकारी नहीं माने और दिन भर कार्यालय परिसर में ही धरने पर बैठे रहे। एसडीएम और एएसपी पुलिस बल के साथ प्रदर्शन समाप्त कराने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी अड़े रहे। शाम को 45 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। प्रदर्शनकारियों में सांसद छाया वर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, पूर्व पार्षद सुमित दास आदि शाामिल थे। पिछले कई महीनों से रायपुर शहर व आस-पास के क्षेत्रों में छोटे प्लॉटों की रजिस्ट्रियां बैन कर दी गई हैं। साथ ही रजिस्टर्ड प्लाट से राजस्व की वसूली की जा रही है। जबकि़ उसका प्रमाणीकरण भी नही हो पा रहा हैं। राजस्व विभाग ने का खुद का भुईंया वेबसाइट अपडेट नहीं है। इसकी वजह से भूमि क्रय-विक्रय में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।
पंजीयन और राजस्व विभाग ने नामांतरण की प्रक्रिया ऑनलाइन की है, जिसके मुताबिक रजिस्ट्री होने के बाद नामांतरण के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। ‘पत्रिका’ ने अपनी पड़ताल में पाया कि नामांतरण के लिए बड़े रियल एस्टेट ग्रुप ग्राहकों से 8 से 10 हजार रुपए की वसूली कर रहे हैं।
रजिस्ट्री दफ्तर में सीमांकन-बटांकन आदि मामलों को लेकर रोजाना हो रहे धरना-प्रदर्शन की वजह से बीते एक हफ्ते के भीतर 500 से अधिक रजिस्ट्री अटक चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि धरना-प्रदर्शन की वजह से अब आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
रायपुर के जिला पंजीयक बीएस नायक ने कहा कि बीते छह महीने में 20 हजार से अधिक इ-पंजीयन हो चुका है। सर्वर की समस्या को लेकर विभाग के आला अधिकारियों को सूचित किया गया है। बटांकन के नियमों में फेरबदल नहीं किया जाएगा। बिना बटांकन के छोटी जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगी हुई है। नामांतरण के लिए अतिरिक्त राशि का नियम नहीं है। बटांकन का मामला राजस्व का है, लेकिन प्रदर्शनकारी रजिस्ट्री दफ्तर में धरना-प्रदर्शन कर काम प्रभावित कर रहे हैं।