रायपुर

कर्नाटक चुनाव पर बोले राहुल – बगैर बहुमत सरकार बनाकर BJP ने की संविधान की हत्या

छत्तीसगढ़ दौरे पर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला।

2 min read
May 18, 2018
कर्नाटक चुनाव पर बोले राहुल - बगैर बहुमत सरकार बनाकर BJP ने की संविधान की हत्या

रायपुर . छत्तीसगढ़ दौरे पर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। राहुल ने रायपुर के इंडोर स्टेडियम में जनस्वराज सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कर्नाटक चुनाव को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

कर्नाटक की राजनीति पर उन्होंने कहा कि कर्नाटक में बिना बहुमत वाली सरकार बनी है, ये संविधान की हत्या है। राहुल गांधी ने कर्नाटक में भाजपा द्वारा सरकार बनाए जाने पर संविधान पर जोरदार हमला बताया है। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर मुकाबला करना होगा। राहुल गांधी ने कहा कि जेडीएस के विधायक को खरीदने के लिए भाजपा करोड़ों रुपए लेकर पार्टी आफिस गई थी, क्योंकि उन्हें मालूम है बहुमत हासिल वो नहीं कर पाएंगे।

राहुल गांधी ने कहा देश का कोई भी संस्थान देख लीजिए, एक के बाद एक आरएसएस के लोगों को भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत सालों तक कांग्रेस ने देश चलाया, लेकिन पार्टी संस्थानों में अपने लोगों को कभी नहीं भरते थे। इस देश की बहुत सी विचारधाराएं बहुत से संस्थान हिंदुस्तान की आवाज़ है। उनसे मिलकर ही हिंदुस्तान बनता है।

राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधा और कहा कि संघ का कहना है कि महिला की जगह पुरुष के सामने खड़े होने की नहीं है। संघ का कहना है कि कि महिला की आवाज खुल कर नहीं आनी चाहिए। महिला का काम केवल खाना पकाना है, दलितों का काम केवल सफाई करना है, पढ़ाई करना नहीं, सपने देखना नहीं है। भाजपा और संघ के लोग इसी वजह से इन संस्थानों पर कब्जा कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास क्या नहीं है, लेकिन आवाम के पास कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा और संघ की कोशिश है कि आवाम को दबाओ और चुने हुए कुछ लोगों को सारी संपदा दे दो। राहुल गांधी ने कहा कि देश में भय का माहौल है। इतना ही नहीं मीडिया और जज भी डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के कार्यकाल में देश में एेसा माहौल है कि सुप्रीम कोर्ट के जज भी अपना काम नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आमतौर पर जनता न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाती है, लेकिन 70 सालों में पहली बार एेसा हुआ कि सुप्रीम कोर्ट के चार जज प्रेस के सामने आए और अपनी पीड़ा लोगों के सामने रखी। जजों ने जनता से कहा कि उन्हें दबाया जा रहा है, काम नहीं करने दिया जा रहा। किसी लोकतांत्रिक देश में ऐसा पहली बार हुआ है। एेसा तो पाकिस्तान, लीबिया में होता रहा है।

Published on:
18 May 2018 11:49 am
Also Read
View All