Rahul Gandhi Chhattisgarh Visit: करीब ढाई साल बाद राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित है। रायपुर के चंपारण में 10 दिन का कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर आयोजित हो सकता है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ Odisha के जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल होंगे।
Rahul Gandhi Chhattisgarh Visit: छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में जून महीने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित है। अगर कार्यक्रम तय होता है, तो करीब ढाई साल बाद राहुल गांधी राज्य का दौरा करेंगे। इससे पहले उनका आखिरी दौरा सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुआ था। कांग्रेस संगठन इस दौरे को आगामी चुनावों की तैयारी और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने के तौर पर देख रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 21 जून से 30 जून के बीच एक बड़े प्रशिक्षण शिविर का प्रस्ताव तैयार किया है। इस शिविर के रायपुर के चंपारण में आयोजित होने की चर्चा है। इसमें सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि Odisha के जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भी शामिल किए जाने की योजना है। फिलहाल राहुल गांधी के कार्यालय से अंतिम स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।
हाल ही में नियुक्त किए गए 41 नए जिला कांग्रेस अध्यक्षों को इस प्रशिक्षण शिविर में विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। कार्यक्रम में संगठन संचालन, बूथ मैनेजमेंट, जनसंपर्क, चुनावी रणनीति और नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन देंगे। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
कांग्रेस इस पूरे अभियान को “संगठन सृजन अभियान” का हिस्सा बता रही है। इसका उद्देश्य 2025-26 के दौरान पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत करना और संगठन में जवाबदेही तय करना है। पार्टी इसे गुजरात मॉडल पर आधारित पुनर्गठन मान रही है, जिसमें जमीनी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर संगठन को सक्रिय बनाया जाएगा।
कांग्रेस ने इस अभियान के तहत कई स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं- बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को सक्रिय करना, जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में लाना, पर्यवेक्षकों के जरिए रायशुमारी कर नियुक्तियां करना, 15 दिन में जिला, 30 दिन में ब्लॉक और 60 दिन में मंडल-बूथ समितियों का गठन, SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग को ज्यादा प्रतिनिधित्व देना है।
कांग्रेस इस अभियान को केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रख रही। बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, गोवा, नागालैंड, मणिपुर और ओडिशा जैसे राज्यों में भी संगठन को मजबूत करने के लिए इसी तरह के प्रशिक्षण और पुनर्गठन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अब आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने पर पूरी ताकत लगा रही है। राहुल गांधी का संभावित छत्तीसगढ़ दौरा इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने में मदद मिल सकती है।