
Chhattisgarh Politics (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ और देश की राजनीति में चुनाव परिणामों के बाद बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के नतीजों के बाद राजनीतिक दल एक-दूसरे पर खुलकर निशाना साध रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे आरोप लगाए हैं।
चुनाव परिणामों के बाद जहां एक तरफ जीतने वाले दल जश्न में हैं, वहीं विपक्षी दलों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की जनता पहले ही नकार चुकी है, ऐसे में अन्य राज्यों की जनता उन्हें क्यों स्वीकार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस चुनाव लड़ रही है, वहां पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।
अरुण साव ने कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के साथ राहुल गांधी के नेतृत्व को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की जनता ने खारिज किया है। दूसरे राज्य की जनता भूपेश बघेल को क्यों सुनेंगे। जहां राहुल और भूपेश के पैर पड़ेंगे, कांग्रेस हारेगी। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस 99 चुनाव हार चुकी है और इसका कारण पार्टी की कमजोर रणनीति और नेतृत्व है। उनके मुताबिक, जनता अब कांग्रेस की नीतियों और नेतृत्व से दूर होती जा रही है।
उपमुख्यमंत्री साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें कांग्रेस पर कम्युनिस्ट विचारधारा की ओर झुकाव का आरोप लगाया गया था। साव ने कहा कि कांग्रेस की गतिविधियां “अर्बन नक्सल” जैसी प्रतीत होती हैं और पार्टी देशहित के खिलाफ काम कर रही है। उनका कहना था कि कांग्रेस की नीतियां और बयान देश के विकास और स्थिरता के लिए बाधक बनते जा रहे हैं।
सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की स्थिति पर अरुण साव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस के भीतर गुटबाजी बढ़ती जा रही है और नेता आपस में ही संघर्ष कर रहे हैं। इसका सीधा असर पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पड़ रहा है, जो निराश होकर पार्टी छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
हाल ही में महिला कांग्रेस की जिम्मेदारी विधायक संगीता सिन्हा को दिए जाने पर भी साव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति भी गुटबाजी का हिस्सा है और इससे संगठन मजबूत होने के बजाय और कमजोर होगा। साव के अनुसार, कांग्रेस के नेता अपनी आंतरिक राजनीति में इतने उलझे हुए हैं कि पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान नहीं दे पा रहे।
चुनाव परिणामों के बाद इस तरह के बयान यह दर्शाते हैं कि आने वाले समय में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने वाला है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज होगा, जिससे राजनीतिक बहस और भी तीखी हो सकती है।
कुल मिलाकर, चुनाव नतीजों के बाद छत्तीसगढ़ सहित देशभर में सियासी बयानबाज़ी अपने चरम पर है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बयान कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर सीधा हमला माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन बयानों का राजनीतिक असर क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
Published on:
05 May 2026 03:20 pm
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